Dussehra 2019: इन जगहों पर करें दशहरा सेलिब्रेट, देखने को मिलेगा परंपरा का मनोहर दृश्य

कल विजयादशमी का त्यौंहार पूरे देश में बड़े जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। वैसे तो यह त्यौंहार देश में हर जगह मनाया जाता हैं, लेकिन कई जगह ऐसी हैं जो दशहरे के लिए जानी जाती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों की जानकारी देने जा रहे हैं जहां यह पर्व पूरे परंपरा के साथ मनाया जाता हैं। इन जगहों की दशहरे के आयोजन की विशेषता के इन्हें देश ही नहीं विदेशों में भी पहचान मिली हैं। तो आइये जानते है इन जगहों के बारे में।

कोटा, राजस्‍थान

कोटा (Kota) में दशहरे के मौके पर लगने वाला मेला बेहद खास होता है। इस दौरान यहां कई तरह के प्रोग्राम्‍स होते हैं। इसके साथ ही आप यहां हस्तशिल्प और तरह-तरह के स्वादिष्ट जायकों का आनंद ले सकते हैं। दशहरे का मेला 25 दिनों तक चलता है।

भागलपुर, बिहार

यहां के कर्णगढ़ मैदान और गोलदार पट्टी में रामलीला का 150 साल पुराना इतिहास है। कर्णगढ़ मैदान में सबसे पहले भजन-कीर्तन और रामचरित मानस के पाठ से शुरुआत हुई थी। इसके कुछ वर्षों बाद कलाकारों ने रामलीला का नाट्य मंचन शुरू कर दिया। खास बात यह है कि रामलीला समिति ने आधुनिक दौर में भी अपनी परंपरा को नहीं बदला है। मैदान तक कलाकारों को टमटम से लाया जाता है। गोलदारपट्टी रामलीला समिति ने अपनी सबसे पुरानी परंपरा को बरकरार रखा है। दो दशक पहले तक दर्शक बैलगाड़ी और तांगे पर सवार होकर विजयादशमी की सुबह को जुटते थे।

बस्तर, छत्तीसगढ़

यहां करीब 75 दिनों तक इस त्योहार की रौनक रहती है। दशहरे पर देवी दंतेश्वरी की पूजा होती है। दिलचस्‍प बात यह है कि यहां रावण (Raavan) के पुतले का दहन नहीं होता है। आदिवासियों के योगदान के कारण यह त्‍योहार और भी खास बन जाता है।