ब्लड कैंसर की ओर इशारा करते हैं ये 7 संकेत, ना करें इन्हें नजरअंदाज करने की गलती

कैंसर एक बहुत ही गंभीर बीमारी है जो हर साल लाखो लोगों की मौत का कारण बन रहा हैं। कैंसर भी कई प्रकार का होता हैं जिन्हें समझ पाना बहुत मुश्किल होता हैं। इन्हीं में से एक हैं ब्लड कैंसर जिसे ल्यूकेमिया के नाम से भी जाना जाता हैं। रक्त कैंसर में शरीर सफेद रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता जो कि बीमारियों से बचाने में सहायक होती हैं। इस बीमारी का इलाज तो संभव हैं लेकिनिसके लिए समय रहते इसकी पहचान की जाए। आज इस कड़ी में हम आपको उन लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो ब्लड कैंसर की ओर इशारा करते हैं। इन्हें जानकर समय रहते सतर्क होते हुए डॉक्टर से उचित परामर्श लेने की जरूरत होती हैं। आइये जानते हैं ब्लड कैंसर के इन लक्षणों के बारे में...


बार-बार इंफेक्शन होना

ब्लड कैंसर होने पर व्यक्ति बार-बार इंफेक्शन का शिकार होता है। दरअसल ब्लड कैंसर में रोगी के खून में कुछ ऐसे सेल्स विकसित हो जाते हैं, जो स्वस्थ सेल्स को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। चूंकि हमारे शरीर के हर अंग तक खून पहुंचता है, इसलिए इसके लक्षण भी शरीर के किसी भी अंग में दिख सकते हैं। आमतौर पर ब्लड कैंसर होने पर रोगी को त्वचा का इंफेक्शन (जैसे- त्वचा का लाल, काला या भूरा रंग हो जाना, चकत्ते या दाने हो जाना), फेफड़ों का इंफेक्शन, गले और मुंह का इंफेक्शन आदि होने लगता है। एक साथ कई इंफेक्शन भी हो सकते हैं।

खून का बहना

खून के थक्के बनने में प्लेटलेट्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इस बीमारी के कारण प्लेटलेट्स का उत्पादन प्रभावित होता है। ऐसे में शरीर में कहीं भी चोट लगने पर आसानी से घाव बन जाते हैं या खून बहता है। अगर किसी व्यक्ति को चोट लगने पर उसका खून बहना थोड़ी देर में बंद नहीं होता है या घाव भरने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है, तो ये ब्लड कैंसर का संकेत हो सकता है। चोट के अलावा बिना कारण नाक या मसूड़ों से खून निकलने लगना और पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में खून निकलना भी इसके संकेतों में शामिल हैं। तो एक बार ल्यूकेमिया की जांच जरूर करवा लें।

हर समय थकान और सुस्ती

थकान और सुस्ती बहुत सामान्य लक्षण हैं, जो आपको अक्सर ही अपने अंदर दिखाई दे सकते हैं। मगर यदि थकान के कारण आपको रोजमर्रा के कामों में परेशानी आने लगे और आप दिनभर सुस्त रहते हैं, तो एक बार जांच करवाएं। ये ब्लड कैंसर का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है।

बार-बार संक्रमण होना

सफेद रक्त कोशिकाओं का काम शरीर को संक्रमण से बचाना होता है, लेकिन जब वो ठीक से काम नहीं कर पाती हैं और उनकी संख्या अनियंत्रित हो जाती है तो शरीर आसानी से संक्रमण का शिकार हो जाता है। इसलिए बुखार, ठंड लगना, और खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

तेजी से वजन कम होना

अगर आपको अचानक अपने वजन में कमी लग रही है, तो सबसे पहले अपना वजन चेक करें। अगर महीने भर के भीतर ही बिना किसी प्रयास के आपका वजन 2।5 किलो से ज्यादा कम हो गया है, तो ये शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ब्लड कैंसर होने पर भी व्यक्ति का वजन बिना कारण कम होने लगता है।

भूख कम लगना और पेट के रोग

ब्लड कैंसर आपके पाचनतंत्र को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। यही कारण है कि ब्लड कैंसर होने पर लोगों को भूख कम लगने लगती है और पेट के कई रोग जैसे- कब्ज, अपच, मल के साथ खून आना, पेशाब के साथ खून आने जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें, तो अपने चिकित्सक से इसका कारण जानने की कोशिश करें।


जोड़ों में दर्द होना

जोड़ों में दर्द की समस्या को भी हम बहुत सामान्य मान लेते हैं। आमतौर पर जोड़ों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें अर्थराइटिस, गठिया, थकान, चोट, हड्डियों की कमजोरी आदि शामिल हैं। ल्यूकेमिया की बीमारी में हड्डियों में तेज दर्द, जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या देखने को मिल सकती है। दरअसल, ये समस्याएं अस्थि मज्जा में ल्यूकेमिक कोशिकाओं के तेजी से बढ़ने के कारण होती हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें, बल्कि डॉक्टर को दिखाएं।