नाभि थेरेपी का चलन फिर चर्चा में, अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग तेल; जानें विशेषज्ञ क्या कहते हैं

नाभि में तेल डालने की परंपरा कोई नई नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी आयुर्वेदिक और घरेलू चिकित्सा पद्धति का हिस्सा रही है। माना जाता है कि नाभि में कुछ बूंद तेल डालने से शरीर के कई हिस्सों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आम धारणा यह है कि इससे सिर्फ पाचन या कब्ज की समस्या में राहत मिलती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका दायरा इससे कहीं ज्यादा व्यापक है।

आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के जानकार बताते हैं कि अलग-अलग शारीरिक समस्याओं के लिए अलग प्रकार के तेल का उपयोग किया जाना चाहिए। सही तेल का चयन शरीर के संतुलन को सुधारने और कई स्वास्थ्य परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं किस समस्या में कौन सा तेल उपयोगी माना जाता है।

कब्ज और पाचन संबंधी समस्या में लाभकारी


विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को कब्ज या ड्राई गट की समस्या रहती है, उनके लिए कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) फायदेमंद माना जाता है। यह गाढ़ा तेल धीरे-धीरे त्वचा के माध्यम से अवशोषित होता है और माना जाता है कि यह पाचन तंत्र को शांत कर कब्ज जैसी समस्याओं में राहत पहुंचा सकता है।

सर्दी-जुकाम और साइनस में सहायक उपाय


अगर किसी को साइनस, बंद नाक या सर्दी-जुकाम की समस्या हो, तो नाभि में नारियल तेल के साथ थोड़ा कपूर मिलाकर लगाने की सलाह दी जाती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह मिश्रण शरीर को ठंडक और राहत प्रदान करने में सहायक हो सकता है
हार्मोनल असंतुलन और तनाव में राहत

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की स्थिति में गर्म देसी घी को नाभि में लगाने की परंपरा बताई जाती है। माना जाता है कि यह नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करता है और तनाव, चिंता तथा नींद न आने जैसी समस्याओं में भी लाभकारी हो सकता है।

त्वचा संबंधी समस्याओं में उपयोगी

जिन लोगों को बार-बार पिंपल, एक्ने या स्किन इरिटेशन की समस्या होती है, उनके लिए नीम का तेल उपयोगी माना जाता है। यदि नीम का तेल उपलब्ध न हो, तो नियमित रूप से नारियल तेल का उपयोग भी किया जा सकता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह त्वचा को साफ रखने और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है।

शरीर संतुलन में नाभि का महत्व

आयुर्वेद में नाभि को शरीर का ऊर्जा केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि सही तेल का उपयोग नाभि के माध्यम से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर प्रभाव डाल सकता है और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

सर्दियों में तिल के तेल का उपयोग

ठंड के मौसम में तिल का तेल विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। इसे नाभि में लगाने से शरीर को गर्माहट मिलने, जोड़ों की जकड़न कम होने और पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद मिलने की बात कही जाती है। साथ ही यह नर्व सिस्टम को शांत रखने में भी सहायक माना जाता है।