
क्रिएटिनिन एक अपशिष्ट पदार्थ है जो हमारे शरीर में मांसपेशियों की गतिविधियों के दौरान बनता है। यह रक्त में उपस्थित होता है और किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने लगता है और यह शरीर में जमा होने लगता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। क्रिएटिनिन का बढ़ना किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं है। अगर इसका स्तर नियंत्रण से बाहर हो जाता है, तो यह शरीर में कई तरह की समस्याओं को जन्म दे सकता है। स्वस्थ खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर क्रिएटिनिन के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। क्रिएटिनिन के बढ़ने के कुछ सामान्य लक्षणों में कमजोरी, थकान, चेहरे और पैरों में सूजन, कम पेशाब आना या उसमें झाग दिखना शामिल हैं। इसके अलावा, भूख का कम लगना, उल्टी का अहसास, सिरदर्द और चक्कर आना भी इसके संकेत हो सकते हैं। अगर इन लक्षणों का अनुभव हो, तो तत्काल चिकित्सा सलाह लेना आवश्यक है।
शरीर में क्रिएटिनिन कितना होना चाहिए?हर इंसान में क्रिएटिनिन का स्तर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सामान्य रूप से यह कुछ इस प्रकार होना चाहिए:
पुरुषों में: 0.7 से 1.3 mg/dL
महिलाओं में: 0.6 से 1.1 mg/dL
बच्चों में: 0.3 से 0.7 mg/dL
अगर शरीर में क्रिएटिनिन का स्तर इन मानकों से ज्यादा हो जाए, तो यह किडनी की खराबी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसलिए, क्रिएटिनिन के स्तर की निगरानी रखना बहुत जरूरी है, खासकर यदि आप किसी किडनी रोग, डायबिटीज या उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं।
क्रिएटिनिन बढ़ने के कारणक्रिएटिनिन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
किडनी की बीमारी: यदि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ सकता है।
अधिक प्रोटीन वाला आहार: खासकर रेड मीट और अन्य उच्च प्रोटीन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ सकता है।
डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी): जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो क्रिएटिनिन का स्तर ऊंचा हो सकता है, क्योंकि किडनी को अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में कठिनाई होती है।
डायबिटीज और उच्च रक्तचाप: यदि व्यक्ति को डायबिटीज या उच्च रक्तचाप है, तो यह किडनी पर दबाव डालता है और क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा सकता है।
क्रिएटिनिन को कम करने के तरीकेयदि क्रिएटिनिन का स्तर अधिक है, तो इसे नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
ज्यादा पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। पानी अधिक पीने से किडनी को क्रिएटिनिन को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
हेल्दी डाइट अपनाएं: जंक फूड, ज्यादा नमक और प्रोटीन वाली चीजों से बचें। फल, सब्जियां और कम प्रोटीन वाले आहार पर ध्यान दें।
धूम्रपान और शराब छोड़ें: धूम्रपान और शराब किडनी के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इन्हें छोड़ना किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद है।
ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करें: उच्च रक्तचाप और डायबिटीज का किडनी पर सीधा असर पड़ता है, इसलिए इन्हें नियंत्रण में रखना जरूरी है।
नियमित जांच करवाएं: यदि आपको किसी प्रकार के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और अपनी किडनी की जांच करवाएं।
सुझाव: क्रिएटिनिन बढ़ने के संकेतों को नजरअंदाज न करें। सही खानपान, लाइफस्टाइल और नियमित स्वास्थ्य जांच से इसे नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे किडनी की सेहत बेहतर बनी रहती है और गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।