आज की व्यस्त जीवनशैली में जब महिलाएं करियर, परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही हैं, तब उनकी सेहत पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। पहले हार्ट अटैक को केवल बुजुर्गों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब 30 से 45 वर्ष की उम्र की युवा महिलाओं में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, बदलती दिनचर्या, तनाव, हार्मोनल उतार-चढ़ाव और असंतुलित खानपान इस बढ़ते खतरे के मुख्य कारण हैं। हालांकि, यदि महिलाएं समय रहते अपने शरीर के संकेतों को समझें और जरूरी कदम उठाएं, तो हार्ट अटैक से बचाव संभव है।
# हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतअक्सर युवा महिलाएं हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को थकान, कमजोरी या सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझकर अनदेखा कर देती हैं। लेकिन यही लापरवाही गंभीर खतरे में बदल सकती है। हार्ट अटैक धीरे-धीरे भी विकसित हो सकता है और अचानक भी आ सकता है। इसलिए इसके संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
1. सीने में दबाव या बेचैनीयह सबसे प्रमुख और सामान्य लक्षण है। महिलाओं में यह हमेशा तेज दर्द की तरह नहीं होता, बल्कि सीने में कसाव, जलन या दबाव जैसा महसूस हो सकता है। कई बार यह दर्द दोनों बाजुओं, कंधों या पीठ तक फैल सकता है।
2. अचानक सांस फूलनासीढ़ियां चढ़ते समय या सामान्य गतिविधि करते हुए अचानक सांस फूलना भी दिल की समस्या का संकेत हो सकता है। खासकर यदि यह बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार हो रहा हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
3. लगातार थकान और कमजोरीबिना मेहनत किए भी अगर शरीर भारी और थका हुआ लगे, तो यह हृदय की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। कई बार यह लक्षण हफ्तों पहले दिखाई देने लगते हैं।
4. पीठ, गर्दन और जबड़े में दर्दमहिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द की बजाय गर्दन, जबड़े या पीठ में असहजता और दर्द ज्यादा देखा जाता है। इसे अक्सर मांसपेशियों के दर्द समझकर अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
5. मतली, उल्टी या चक्कर आनाकई महिलाओं को हार्ट अटैक के दौरान पाचन से जुड़ी दिक्कतें जैसे पेट भारी लगना, उल्टी या मतली हो सकती है। इसके साथ ही चक्कर आना या पसीना आना भी हार्ट अटैक के चेतावनी संकेत हैं।
6. नींद में गड़बड़ीलगातार नींद न आना, रात में बार-बार जागना या बेचैनी महसूस होना भी दिल से जुड़े शुरुआती लक्षणों में गिना जाता है।
7. ठंडा पसीना आनाबिना किसी शारीरिक मेहनत या गर्मी के अचानक ठंडा पसीना आना शरीर का संकेत है कि दिल पर दबाव बढ़ रहा है।
# युवा महिलाओं में हार्ट अटैक के छिपे हुए कारणहार्ट अटैक को अक्सर उम्र या जेनेटिक कारणों से जुड़ा माना जाता है, लेकिन बदलती जीवनशैली और रोज़मर्रा की आदतें भी इसकी बड़ी वजह बन चुकी हैं। आज की युवा महिलाएं काम, परिवार और समाज की ज़िम्मेदारियों में संतुलन बनाने की कोशिश में अपने दिल के स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे पातीं। आइए जानें वे छिपे हुए कारण जो इस खतरे को बढ़ाते हैं:
1. काम का अत्यधिक दबाव और मानसिक तनावऑफिस का टारगेट, घर की ज़िम्मेदारियाँ और सामाजिक दबाव – इन सबके चलते मानसिक तनाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक रहने वाला तनाव हार्मोनल असंतुलन और हाई ब्लड प्रेशर को जन्म देता है, जो दिल की सेहत के लिए खतरनाक है।
2. जंक फूड और अनियमित खानपानतेज़-तर्रार लाइफस्टाइल के चलते महिलाएं अक्सर पैकेज्ड फूड, तैलीय और जंक फूड का सेवन करने लगती हैं। इनमें मौजूद ट्रांस फैट और अधिक नमक/चीनी धमनियों में रुकावट पैदा करते हैं और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। इसके साथ ही समय पर खाना न खाना और व्यायाम की कमी हृदय रोग का खतरा और बढ़ा देती है।
3. हार्मोनल असंतुलन और एस्ट्रोजन स्तर में गिरावटमहिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन दिल को सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन हार्मोनल डिसऑर्डर या बढ़ती उम्र में इसके स्तर में कमी आने से हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। पीसीओएस, थायरॉइड जैसी समस्याएं भी इस असंतुलन को और गंभीर बना सकती हैं।
4. परिवार में हार्ट डिज़ीज का इतिहास
अगर परिवार के किसी सदस्य, खासकर माता-पिता या दादा-दादी को हार्ट डिज़ीज रही हो, तो महिलाओं में भी इसके विकसित होने की संभावना अधिक हो जाती है। ऐसे मामलों में नियमित हेल्थ चेकअप और सतर्कता बेहद ज़रूरी है।
5. धूम्रपान और शराब का सेवनआजकल तनाव या सामाजिक कारणों से महिलाएं धूम्रपान और शराब की ओर भी झुकने लगी हैं। निकोटीन और अल्कोहल रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को असामान्य कर दिल पर सीधा दबाव डालते हैं। यह आदतें न केवल दिल बल्कि पूरे शरीर के लिए खतरे की घंटी हैं।
# हार्ट अटैक से बचाव के आसान उपाययुवा महिलाओं के लिए दिल की देखभाल उतनी ही ज़रूरी है जितनी बाकी शरीर की। यदि रोज़मर्रा की दिनचर्या में कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएं, तो हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
1. संतुलित और पोषण से भरपूर आहार अपनाएँ- ताज़े फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज ज़रूर शामिल करें।
- मछली, अलसी के बीज और अखरोट जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ दिल को मज़बूती देते हैं।
- तैलीय और तले हुए खाने से परहेज़ करें तथा पैकेज्ड फूड और अधिक नमक-चीनी का सेवन सीमित करें।
2. नियमित व्यायाम करें- रोज़ाना कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, योग, साइकलिंग या डांस जैसी गतिविधियाँ ज़रूरी हैं।
- ऑफिस या घर के काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेकर स्ट्रेचिंग करें, इससे रक्त संचार बेहतर होता है।
3. तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें- मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और प्राणायाम जैसे उपाय मानसिक तनाव को कम करते हैं।
-पर्याप्त नींद लें और अपने शौक़ या हॉबी के लिए समय निकालें, यह मन और शरीर दोनों के लिए अच्छा है।
4. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं- तंबाकू और अल्कोहल हृदय की धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं।
- यदि यह आदत पहले से है तो धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश करें और ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लें।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें- ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच ज़रूरी है।
- यदि परिवार में हार्ट डिज़ीज का इतिहास है, तो डॉक्टर की सलाह से वार्षिक चेकअप ज़रूर करवाएँ।
युवा महिलाओं में हार्ट अटैक की समस्या आजकल आम होती जा रही है। लेकिन जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस खतरे से बचा जा सकता है। अपनी हार्ट हेल्थ का ध्यान रखना न सिर्फ लंबी उम्र का राज है, बल्कि एक खुशहाल और संतुलित जीवन की कुंजी भी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।