‘टॉक्सिक’ और ‘धुरंधर 2’ की भिड़ंत से खफा डायरेक्टर, क्लैश को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- दोनों फिल्मों की कमाई पर पड़ेगा असर

मार्च की 19 तारीख को बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला देखने को मिलने वाला है। एक ओर है धुरंधर 2, तो दूसरी तरफ यश स्टारर टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स। दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन इंडस्ट्री के कुछ लोगों को यह सीधा टकराव रास नहीं आ रहा। इसी मुद्दे पर निर्देशक संजय गुप्ता ने खुलकर अपनी राय रखी है और इस क्लैश को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है।

पहले भाग की ऐतिहासिक सफलता, अब सीक्वल पर निगाहें

धुरंधर दिसंबर 2025 में रिलीज हुई थी और रिलीज के साथ ही इसने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी। फिल्म ने 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर रिकॉर्ड कायम किया। अब इसका सीक्वल 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ भी रिलीज हो रही है। दोनों बड़े बैनर और स्टार पावर से लैस फिल्मों के आमने-सामने आने से ट्रेड एक्सपर्ट्स के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

“दोनों का बिजनेस प्रभावित होगा”

वैरायटी इंडिया से बातचीत के दौरान संजय गुप्ता ने साफ कहा कि वे दोनों फिल्में देखना चाहेंगे, क्योंकि दर्शकों में दोनों के लिए भारी उत्सुकता है। लेकिन उनका मानना है कि एक ही दिन रिलीज होने से दोनों फिल्मों की कमाई पर असर पड़ना तय है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें उस समय की याद दिलाती है जब उनकी फिल्म काबिल और रईस साथ रिलीज हुई थीं।

उनके मुताबिक, अगर बड़ी फिल्में अलग-अलग तारीखों पर आती हैं तो दोनों को ज्यादा फायदा मिलता है। भारत जैसे देश में हर दर्शक के लिए एक ही महीने में कई फिल्में थिएटर में देखना संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हम ऐसा देश नहीं हैं जहां हर व्यक्ति लगातार टिकटों पर खर्च कर सके। ऐसे में दो बहुप्रतीक्षित फिल्मों का टकराव निर्माताओं के लिए भी जोखिम भरा कदम हो सकता है।

“कैपेसिटी तक नहीं पहुंच पाएंगी फिल्में”

संजय गुप्ता का मानना है कि दोनों फिल्में अच्छी कमाई कर सकती हैं, लेकिन वे अपनी पूरी संभावित क्षमता तक शायद न पहुंच सकें। उनका कहना है कि जब दर्शकों का ध्यान और जेब दोनों बंट जाते हैं, तो स्वाभाविक रूप से असर पड़ता है। उन्होंने ‘धुरंधर’ के पहले भाग की जमकर तारीफ भी की और कहा कि यदि उन्हें कोई फिल्म पसंद नहीं आती तो वे उस पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।

निर्देशक के अनुसार, फिल्म बनाना बेहद मेहनत और समर्पण का काम है। ऐसे में किसी के प्रयासों का अनावश्यक आलोचना करना ठीक नहीं। वे सिर्फ उन्हीं प्रोजेक्ट्स पर खुलकर बोलते हैं जो उन्हें सच में प्रभावित करते हैं।

कहानी को लेकर उत्सुकता

‘धुरंधर 2’ को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि एक निर्देशक होने के नाते उन्हें इसकी कहानी की दिशा का अंदाजा है। संभव है कि सीक्वल में हमजा (रणवीर सिंह का किरदार) के अतीत की परतें खोली जाएं और यह दिखाया जाए कि वह जिस रास्ते पर चला, उसकी पृष्ठभूमि क्या थी। उन्होंने ‘धुरंधर’ को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक असाधारण सिनेमाई घटना बताया।

अब देखना दिलचस्प होगा कि 19 मार्च को जब धुरंधर 2 और टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स आमने-सामने होंगी, तो दर्शक किसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। स्टार पावर, कहानी और वर्ड ऑफ माउथ—तीनों ही इस टक्कर का परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मार्च का यह सिनेमाई मुकाबला इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।