'उदयपुर फाइल्स' पर बैन से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, 11 जुलाई को रिलीज होगी कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म

राजस्थान के चर्चित दर्जी कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद ने दायर की थी, जिसने फिल्म के कारण निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर खतरा बताया है।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

बुधवार, 9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल थे, ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्योली की अपील को खारिज कर दिया कि फिल्म की रिलीज से पहले सुनवाई की जाए। कोर्ट ने कहा कि अदालत 14 जुलाई को खुलेगी और उस दिन इस याचिका पर दोबारा उल्लेख किया जा सकता है। जब वकील ने यह आशंका जताई कि फिल्म इससे पहले ही रिलीज हो जाएगी, तो पीठ ने कहा, “उसे रिलीज होने दीजिए।”

फिल्म से निष्पक्ष सुनवाई में रुकावट की आशंका

याचिकाकर्ता मोहम्मद जावेद ने दलील दी कि फिल्म का कंटेंट, विशेष एनआईए कोर्ट में चल रही कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। याचिका में फिल्म को “सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ” बताते हुए कहा गया कि ट्रेलर और कथानक पहले से ही आरोपी को दोषी दिखाते हैं, जिससे निर्दोषता की धारणा को ठेस पहुंचेगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दी स्क्रीनिंग की अनुमति

दिल्ली हाईकोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य संगठनों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग की गई थी। हालांकि, सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने फिल्म के विवादास्पद हिस्सों को हटवा दिया है। कोर्ट ने इस पर संतुष्टि जताते हुए निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के वकीलों को फिल्म और ट्रेलर की एक निजी स्क्रीनिंग करवाई जाए।

11 जुलाई को रिलीज होगी ‘उदयपुर फाइल्स’


निर्देशक भारत एस श्रीनेत द्वारा बनाई गई फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' 11 जुलाई, शुक्रवार को दुनियाभर में रिलीज हो रही है। यह फिल्म 2022 में राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की दिनदहाड़े की गई नृशंस हत्या पर आधारित है, जिसमें आरोपी मोहम्मद रियाज अटारी और गौस मोहम्मद ने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उनकी गला रेत कर हत्या कर दी थी। इस घटना ने देशभर में आक्रोश फैला दिया था।

ज्ञानवापी संघर्ष समिति ने की टैक्स फ्री करने की मांग

वाराणसी की ज्ञानवापी संघर्ष समिति ने फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग की है। समिति से जुड़े वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि यह फिल्म “सच्चाई को सामने लाती है” और यह दावा कि इससे नफरत फैलेगी, गलत है। उन्होंने कहा कि फिल्म समाज को घटना की पृष्ठभूमि और सच्चाई समझने का मौका देती है।

‘उदयपुर फाइल्स’ एक ऐसी फिल्म बनकर उभरी है, जो कानून, समाज और धार्मिक भावनाओं के संवेदनशील बिंदुओं को छूती है। जहां एक पक्ष इसे सच्चाई के उजागर होने का माध्यम मान रहा है, वहीं आरोपी पक्ष इसे न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताकर कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहा है। आने वाले दिनों में कोर्ट का अंतिम निर्णय इस विवाद का भविष्य तय करेगा, लेकिन फिलहाल फिल्म की रिलीज को सुप्रीम कोर्ट से कोई रोक नहीं मिली है।