राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस समय 3 दिवसीय ‘ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट 2024’ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सोमवार (9 दिसंबर) को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। इसमें मशहूर सिंगर सोनू निगम ने भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री सहित राज्य के कई नेता-मंत्री शामिल हुए। हालांकि सोनू ने इन नेता-मंत्रियों में से कई के उनका शो बीच में ही छोड़कर चले जाने पर नाराजगी जताई है। सोनू ने एक वीडियो शेयर कर अपने दिल की बात कही। सोनू इस वीडियो में कह रहे हैं, “नमस्ते, अभी मैं एक कॉन्सर्ट से आ रहा हूं जयपुर में। अभी मैं इसे खत्म करके ही आ रहा हूं 'राइजिंग राजस्थान'।
बहुत अच्छे लोग आए थे। बहुत बड़ा शो था। देश के कोने-कोने से लोग आए थे, राजस्थान की शान बढ़ाने के लिए। सीएम साहब और राजस्थान के कई चर्चित लोग शामिल हुए थे। लेकिन, मैंने देखा कि बीच शो से ही सीएम साहब और कई बड़े-बड़े लोग उठकर चले गए। और उनके जाते ही जो बड़े-बड़े डेलिगेट्स थे वो भी चले गए। तो मेरी अपील है देश के पॉलीटीशियन्स से कि अगर आप ही अपने आर्टिस्ट की कद्र नहीं करेंगे तो बाहर के लोग क्या करेंगे। मैंने कहीं और ऐसा नहीं देखा। मैंने नहीं देखा कि अमेरिका में कोई परफॉर्म कर रहा है और वहां का राष्ट्रपति बैठा है तो वो बीच में चला जाएगा।
अगर उसे जाना होगा तो वो बता कर जाएगा। तो मेरा निवेदन है कि अगर आपको उठकर जाना है ना तो आप आया मत करो या शो शुरू होने से पहले ही चले जाइए। किसी आर्टिस्ट के शो को बीच में छोड़कर जाना, ये बड़ी ना कद्रदानी है, मां सरस्वती और कला का अपमान है। ये मैंने नोटिस नहीं किया, शो के बाद मुझे कुछ मैसेज आए, जिसमें मुझे कहा गया कि आपको ऐसे शो नहीं करने चाहिए। क्योंकि अगर वह यूं उठकर जा रहे हैं तो यह कला का अपमान है। मुझे पता है कि आप सब व्यस्त हैं, बहुत काम हैं, तो आप पहले ही चले जाइए।”
कारोबारी सुशील कुमार ने धर्मेंद्र सहित 3 लोगों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोपवेटरन एक्टर धर्मेंद्र ने हाल ही 8 दिसंबर को अपना 89वां जन्मदिन मनाया है। हालांकि अब उनके फैंस को चिंता में डालने वाली खबर सामने आ रही है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने धर्मेंद्र और 2 अन्य को धोखाधड़ी के मामले में नोटिस देकर तलब किया है। दिल्ली के एक कारोबारी सुशील कुमार ने आरोप लगाया है कि ‘गरम धरम ढाबा’ की फ्रेंचाइजी देने के मामले में उनसे चीटिंग की गई है। सुशील की शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) यशदीप चहल ने यह नोटिस दिया है। इस मामले में अब 20 फरवरी को सुनवाई होगी।
कोर्ट ने कहा कि उसे पहली नजर में मामले की जांच की जरूरत होती है। इसके साथ ही केस के दोषों और मेरिट वगैरा को भी देखना है। पटियाला हाउस कोर्ट ने समन में कहा कि सबूतों के आधार पर पहली नजर में लगता है कि आरोपियों ने पीड़ित को अपने इरादे को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और धोखाधड़ी के अपराध की सामग्री का खुलासा भी किया गया है। इस वजह से आरोपी नंबर 1 धर्मेंद्र सिंह देओल, आरोपी नंबर 2 और 3 को कोर्ट में पेश किया जाए।
बता दें इस मामले में कोर्ट ने 9 अक्टूबर 2020 को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की अर्जी खारिज की थी। सुशील ने कहा है कि ये मामला अप्रैल 2018 का है। उन्हें यूपी में ‘गरम धरम ढाबा’ की फ्रेंचाइजी लेने का ऑफर दिया गया था। तब दिल्ली और हरियाणा के मुरथल में इस ढाबे की ब्रांच लाखों का कारोबार कर रही थीं। उन्हें निवेश पर 7 फीसदी लाभ देने की बात कही गई। इसके लिए 41 लाख का निवेश करने के लिए कहा गया।