बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रचार में व्यस्त हैं। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद सनी लगातार इसके प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने फिल्मी करियर से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि जब उनकी सुपरहिट फिल्म 'घायल' के लिए कोई निर्माता आगे नहीं आया, तब उनके पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने उन पर भरोसा जताते हुए फिल्म को समर्थन दिया। सनी का कहना है कि अगर उस समय उनके पिता साथ नहीं देते, तो शायद 'घायल' जैसी यादगार फिल्म कभी बन ही नहीं पाती।
धर्मेंद्र ने बेटे के सपने पर जताया भरोसासनी देओल ने अपने सोशल मीडिया पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ एक वीडियो साझा करते हुए पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले उन्हें राजकुमार संतोषी द्वारा लिखी गई 'घायल' की कहानी पर पूरा भरोसा था। दोनों इस कहानी को लेकर कई निर्माताओं के पास पहुंचे, लेकिन किसी ने भी इस फिल्म में निवेश करने की इच्छा नहीं दिखाई।
इसके बाद सनी ने फैसला किया कि वह अपने पिता धर्मेंद्र को यह कहानी सुनाएंगे। उस समय धर्मेंद्र जयपुर में अपनी फिल्म 'बंटवारा' की शूटिंग कर रहे थे और रामबाग पैलेस में ठहरे हुए थे। वहीं राजकुमार संतोषी ने उन्हें पूरी कहानी सुनाई। कहानी खत्म होते ही धर्मेंद्र ने बिना किसी हिचकिचाहट के फिल्म के निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी।
बेटे की समझ पर था धर्मेंद्र को गर्वसनी देओल ने बताया कि उनके लिए सबसे भावुक बात यह थी कि उनके पिता को इस बात पर गर्व था कि उन्होंने इतनी मजबूत कहानी को पहचाना और उसका साथ दिया। धर्मेंद्र के इसी भरोसे की वजह से 'घायल' का निर्माण संभव हो सका और आगे चलकर यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हुई।
सनी ने कहा कि पिता का विश्वास उनके लिए हमेशा सबसे बड़ी ताकत रहा है और उसी विश्वास ने उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
जयपुर से जुड़ी दो फिल्मों की खास यादसनी देओल ने बताया कि यह संयोग उनके लिए बेहद खास है कि जिस जयपुर शहर में धर्मेंद्र ने वर्ष 1988 में फिल्म 'बंटवारा' की शूटिंग की थी, उसी शहर में अब वह अपनी नई फिल्म 'बंटवारा 1947' का पहला प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक भावनात्मक चक्र पूरा होने जैसा अनुभव बताया।
विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है फिल्म'बंटवारा 1947' भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक भावनात्मक कहानी है। फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान चला जाता है। जिस घर में वह रहते हैं, उसी की ऊपरी मंजिल पर एक हिंदू महिला रहती है, जो अपना घर छोड़ने से इनकार कर देती है।
सनी का किरदार उस महिला की रक्षा का जिम्मा उठाता है और सांप्रदायिक तनाव तथा दंगों के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करता है। फिल्म की कहानी मानवीय रिश्तों, विश्वास और सामाजिक सौहार्द के संदेश को केंद्र में रखकर बुनी गई है।
पांच साल बाद बड़े पर्दे पर लौटीं प्रीति जिंटाइस फिल्म के
साथ अभिनेत्री प्रीति जिंटा पांच वर्षों से अधिक समय बाद अभिनय की दुनिया
में वापसी कर रही हैं। फिल्म में सनी देओल के बेटे करण देओल भी महत्वपूर्ण
भूमिका निभा रहे हैं और वह पर्दे पर भी सनी के बेटे के किरदार में नजर
आएंगे।
फिल्म में अली फजल, शबाना आजमी, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे
और कनिका कपूर भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। संगीत का जिम्मा ए. आर.
रहमान ने संभाला है, जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं। केंद्रीय फिल्म
प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट के प्रदर्शन की अनुमति दे दी है।
फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले किया गया है।