हरियाणवी मनोरंजन जगत की चर्चित कलाकार और बिग बॉस से देशभर में पहचान बनाने वाली सपना चौधरी इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी वैवाहिक जिंदगी में चल रहे विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। सपना चौधरी ने अपने पति पर घरेलू हिंसा और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें अपने बच्चों के साथ घर छोड़ना पड़ा और इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
बताया जा रहा है कि सपना ने अदालत में पेश होकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और दावा किया कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अदालत में उन्होंने कथित चोटों से जुड़े सबूत भी प्रस्तुत किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका महिला कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने फिलहाल उनके पति को अगली सुनवाई तक सपना चौधरी से किसी भी प्रकार का संपर्क करने या उनके करीब जाने से रोक दिया है।
मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों के बाद पहुंचीं अदालतजानकारी के अनुसार, सपना चौधरी ने महिला अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया कि उनके पति द्वारा कई बार उनके साथ मारपीट की गई और सार्वजनिक स्थानों पर भी विवाद खड़ा किया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपने बच्चों के साथ घर छोड़कर अलग रहना पड़ा।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह की अदालत में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपना की ओर से अधिवक्ता प्रीति सिंह ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया कि अभिनेत्री की एक फिल्म का प्रीमियर जल्द होने वाला है और उन्हें आशंका है कि निजी विवाद उनके पेशेवर जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा पर असर डाल सकता है। इसी आधार पर अदालत से तत्काल संरक्षण की मांग की गई थी।
अदालत ने पति को संपर्क करने से रोकासुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने अंतरिम आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि प्रतिवादी यानी सपना चौधरी के पति को अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के घर, कार्यस्थल या किसी अन्य स्थान पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वह किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क करने की कोशिश नहीं करेंगे। न्यायालय ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सुनवाई पूरी होने तक शिकायतकर्ता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सपना की ओर से पेश की गई दलीलों में कहा गया कि यदि तत्काल राहत नहीं दी गई तो उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। साथ ही उनके पेशेवर दायित्व और आने वाले कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं। अदालत ने इन तर्कों को गंभीरता से लिया और अस्थायी संरक्षण प्रदान किया।
चोटों की तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किए गए पेशअदालत में दाखिल याचिका के साथ सपना चौधरी ने कई दस्तावेज और सबूत भी जमा कराए। इनमें कथित चोटों की तस्वीरें, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य संबंधित सामग्री शामिल बताई जा रही है। न्यायालय ने प्रारंभिक स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद माना कि मामले में आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
इसी आधार पर अदालत ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किया और अंतरिम राहत देने का फैसला सुनाया। साथ ही प्रोटेक्शन ऑफिसर और संबंधित पुलिस थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए कि अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर शिकायतकर्ता को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
25 जुलाई को होगी अगली सुनवाईमामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 25 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। अब इस दिन दोनों पक्षों की ओर से आगे की दलीलें और दस्तावेज पेश किए जा सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की विस्तृत सुनवाई आगे जारी रहेगी।
गौरतलब है कि सपना चौधरी ने वर्ष 2020 में वीर साहू के साथ कोर्ट मैरिज की थी। शादी से पहले दोनों लगभग चार वर्षों तक एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। इसके बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला लिया था। वर्तमान में यह दंपति दो बेटों के माता-पिता हैं। उनके बड़े बेटे पोरस का जन्म वर्ष 2020 में हुआ था, जबकि दूसरे बेटे शाहबीर का जन्म 2024 में हुआ। अब निजी जीवन में आए इस विवाद ने दोनों के रिश्ते को चर्चा के केंद्र में ला दिया है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।