संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में, नई याचिका में बोर्ड मीटिंग रोकने की अपील

दिवंगत उद्योगपति और कारोबारी जगत की चर्चित हस्ती संजय कपूर की हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। करिश्मा कपूर के पूर्व पति रहे संजय कपूर के निधन के बाद से ही परिवार के भीतर संपत्ति और ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया है जब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सर्वोच्च अदालत में नई याचिका दाखिल कर कई अहम मांगें रखी हैं।

रानी कपूर ने अपनी अर्जी में अदालत से अनुरोध किया है कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और अन्य संबंधित लोगों को आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में हस्तक्षेप करने से रोका जाए। उनका आरोप है कि ट्रस्ट और उससे जुड़ी कंपनियों के संचालन में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जो भविष्य में संपत्ति विवाद को और जटिल बना सकते हैं। इस याचिका के बाद कपूर परिवार के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।

दरअसल, विवाद का केंद्र रघुवंशी इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को माना जा रहा है, जिसके पास परिवार की बड़ी संपत्तियों का नियंत्रण बताया जाता है। इसी कंपनी की 18 मई को प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग को लेकर रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग की है। यह बैठक 8 मई को जारी नोटिस के आधार पर बुलाई गई थी और माना जा रहा है कि इसमें कंपनी के बोर्ड ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

रानी कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में दलील दी कि प्रस्तावित बैठक का उद्देश्य अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति करना है, जिससे कंपनी और ट्रस्ट के नियंत्रण में बदलाव संभव हो सकता है। उनका कहना था कि जब तक संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़ा विवाद पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक ऐसे किसी भी प्रशासनिक या संरचनात्मक फैसले पर रोक लगाई जानी चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने भी इस विवाद की गंभीरता पर टिप्पणी की। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला इतना जटिल होता जा रहा है कि “इसके सामने महाभारत भी छोटा लगेगा।” अदालत ने संकेत दिया कि वह पूरे विवाद की गहराई से जांच करेगी। साथ ही अगली सुनवाई 14 मई के लिए तय कर दी गई है।

गौरतलब है कि ऑटो कंपोनेंट कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन रहे संजय कपूर का 12 जून 2025 को निधन हो गया था। वह ब्रिटेन में पोलो खेल रहे थे, उसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्ट्स में उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया था। उस समय उनकी उम्र 53 वर्ष थी।

संजय कपूर अपने पीछे करीब 30 हजार करोड़ रुपये की विशाल संपत्ति छोड़ गए हैं, जिस पर अब परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बीच कानूनी दावे सामने आ रहे हैं। संपत्ति में कंपनियों के शेयर, निवेश, ट्रस्ट होल्डिंग्स और अन्य कारोबारी हिस्सेदारी शामिल बताई जा रही है। यही वजह है कि मामला लगातार कानूनी पेचीदगियों में उलझता जा रहा है।

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट भी इस विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दे चुका है। अदालत ने संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े मामलों में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने साफ कहा था कि विवाद सुलझने तक संपत्ति पर किसी भी तरह का थर्ड पार्टी अधिकार नहीं बनाया जाएगा और न ही संपत्ति की बिक्री या ट्रांसफर किया जाएगा।

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद परिवार से जुड़े कारोबारी फैसलों पर भी नजर रखी जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल नई याचिका के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद देश के सबसे चर्चित पारिवारिक संपत्ति मामलों में शामिल हो सकता है।

फिलहाल सबकी नजर 14 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां सुप्रीम कोर्ट यह तय कर सकता है कि प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग पर रोक लगेगी या नहीं। साथ ही अदालत ट्रस्ट, कंपनियों और संपत्ति नियंत्रण से जुड़े कई अन्य पहलुओं पर भी महत्वपूर्ण निर्देश दे सकती है।