अपने शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में माता-पिता को लेकर की गई अश्लील टिप्पणी को लेकर पहले से ही विवादों के घेरे में घिरे जाने-माने समय रैना अब नई मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं। दिव्यांगों का मज़ाक उड़ाने के आरोप में दर्ज एक मामले में 'इंडियाज गॉट लैटेंट' के प्रेजेंटर समय रैना समेत पाँच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बागची की बेंच ने उन्हें दो हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों पर किए गए जोक्स परेशान करने वाले हैं और इनके व्यक्तिगत आचरण की बारीकी से जांच की जाएगी।
क्या हैं समय पर आरोप?याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन्होंने अपने शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी बीमारी से पीड़ित और अन्य दिव्यांग लोगों का मज़ाक उड़ाया था। स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी फाउंडेशन ऑफ इंडिया की वकील अपराजिता सिंह ने दलील दी कि रैना और अन्य कॉमेडियनों द्वारा विकलांगों की खिल्ली उड़ाते हुए दिए गए अपमानजनक बयान हेट स्पीच की श्रेणी में आते हैं तथा इन्हें संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का संरक्षण नहीं मिल सकता। बात तो सही है!
शीर्ष अदालत ने इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कॉमेडियनों को पार्टी बनाए जाने का निर्देश दिया था। मंगलवार को जब कॉमेडियनों की व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज की गई, तो पीठ ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने इन्फ्लुएंसर सोनाली ठक्कर को कुछ शारीरिक परेशानी के कारण अगली सुनवाई की तारीख पर डिजिटल माध्यम से पेश होने की छूट दी। थोड़ी राहत मिली उन्हें!
केंद्र तैयार करे दिशा-निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से कहा कि केंद्र अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दूसरों के अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सोशल मीडिया के संदर्भ में दिशा-निर्देश तैयार करें। पीठ ने कहा कि एक व्यक्ति की स्वतंत्रता से दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। बिल्कुल सही बात!
महिला आयोग में भी रैना की पेशीमंगलवार को दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष भी रैना पेश हुए। आयोग ने शो के प्रतिभागियों और मेजबानों द्वारा महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों पर जन आक्रोश फैलने के बाद रैना को नोटिस जारी किया था। आरोपों के जवाब में रैना ने आयोग के अधिकारियों को अपना बयान सौंपा। अधिकारियों ने कहा कि उनके जवाब की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। अब देखना होगा आगे क्या होता है!