ड्रिप लगी थी हाथ में, फिर भी 'सैयारा' देखने पहुंचा फैन — लोगों ने कहा, 'हॉस्पिटल से उठकर आ गया ये दीवाना!'

फिल्म ‘सैयारा’ का क्रेज़ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इस दीवानगी की मिसाल तब देखने को मिली जब एक फैन अपने हाथ में IV ड्रिप लगाए हुए सिनेमाघर पहुंच गया। उसके दोस्तों ने इस पूरे पल को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो अब वायरल हो चुका है। जब कहा जा रहा था कि बॉलीवुड से रोमांस गायब हो गया है और सिर्फ एक्शन ही बचा है, तभी ‘सैयारा’ ने यह साबित कर दिखाया कि अगर कहानी दिल को छू जाए, तो नए चेहरे भी पर्दे पर जादू बिखेर सकते हैं।

ड्रिप के साथ थिएटर पहुंचा जुनूनी फैन, भावुक कर गया नज़ारा

वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक थिएटर की सीट पर बैठा फिल्म को पूरी तल्लीनता से देख रहा है, उसके हाथ में अब भी ड्रिप लगी हुई है। एक सीन के दौरान वह इतना भावुक हो जाता है कि उसकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। वह चुपचाप आंख पोंछता है, पर उसकी भावनाएं सब कह जाती हैं। एक और वीडियो में वही युवक सड़क पर IV ड्रिप के साथ चलते नजर आता है — माना जा रहा है कि यह वीडियो फिल्म देखकर लौटते वक्त का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वायरल वीडियो महाराष्ट्र के सतारा ज़िले का है।
सोशल मीडिया पर आया जबरदस्त रिएक्शन, तारीफें भी और तंज भी

इस वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। किसी ने लिखा, “भाई बीमार है तू, अल्लाह को याद कर, सैयारा से काम नहीं चलेगा।” वहीं एक और यूजर ने कमेंट किया, “इतनी डेडिकेशन? हॉस्पिटल से उठकर फिल्म देखने आ गया।” एक अन्य ने मजाक करते हुए लिखा, “इस जनरेशन के लिए अब पानी बचाने की बात ही बेमानी है।” वहीं, कुछ लोगों ने इस लड़के की इमोशनल प्रतिक्रिया को सराहते हुए उसकी भावना की तारीफ की है।

ना था कोई खास बज, फिर भी ‘सैयारा’ ने रच दिया इतिहास

‘सैयारा’ को लेकर रिलीज से पहले कोई खास बज नहीं था, न ही कोई बड़े सितारे। फिर भी फिल्म ने साबित कर दिया कि अगर कंटेंट दमदार हो और इमोशन सही जगह पर हिट करे, तो प्रमोशन के बिना भी फिल्म ब्लॉकबस्टर बन सकती है। सोशल मीडिया पर यूजर्स कह रहे हैं कि ‘धूम’ और ‘आशिकी 2’ के बाद पहली बार किसी रोमांटिक फिल्म के लिए ऐसा पागलपन देखने को मिला है।

अहान पांडे और अनीत पड्डा की इस फिल्म ने अपने इमोशनल टच से दर्शकों का दिल जीत लिया है — और अब सोशल मीडिया पर हर कोई कह रहा है: “सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक एहसास है ‘सैयारा’।”