2 News : एक्ट्रेस के एक हाथ में ब्रेस्ट मिल्क पंप और दूसरे में..., करण ने कहा, कई लोग नहीं स्वीकारते फिल्मों की सच्चाई

एक्ट्रेस बॉलीवुड की कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का हुनर दिखा चुकी हैं। राधिका पिछले साल के अंत में मां बनी थीं। ऐसे में राधिका इन दिनों अपने दो महीने के बेबी संग क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रही हैं। राधिका हाल ही बाफ्टा अवार्ड्स में शामिल हुई थीं, जहां से उन्होंने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। इस तस्वीर के कारण राधिका काफी ट्रॉल हो रही हैं। राधिका ने अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की। इसमें वह बाथरूम के अंदर पोज दे रही हैं। उनके एक हाथ में ब्रेस्ट मिल्क के लिए पंप है तो दूसरे हाथ में शैंपेन का ग्लास।

राधिका ने इस तस्वीर को फैंस के साथ शेयर करते हुए लिखा, “और अब मेरी BAFTA की रियलिटी देखिए। मैं नताशा को शुक्रिया कहूंगी, जिनके कारण मैं यहां आ सकी। उन्होंने मेरे ब्रेस्ट पंपिंग टाइमिग के हिसाब से कार्यक्रम शेड्यूल किया। वो ना सिर्फ मुझे दूध निकालने के लिए मेरे साथ वॉशरूम गईं बल्कि वहां पर मेरे लिए शैम्पेन भी लाई। नई मां होने के नाते काम करना मुश्किल है। इस लेवल की केयर और सेंसिविटी हमारी फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम है और इसकी तारीफ होती है..”

राधिका की यह पोस्ट किसी को पसंद आ रही है तो कोई इसकी आलोचना कर रहा है। एक यूजर ने लिखा, “राधिका मैम आप बहुत अच्छी हो, पर ऐसा मत करो, उस ग्लास में क्या है? शायद एप्पी फिज होगा।” दूसरे यूजर ने कहा, “यह दुख की बात है कि 2025 में भी आपको बाथरूम में पंप करना पड़ रहा है।” कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि राधिका इस पोस्ट के माध्यम से गलत संदेश दे रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ड्रिंक नहीं करना चाहिए।”
करण जौहर ने कहा, शुरुआती दिनों में मुझे यही लगता था कि मैं…

फिल्ममेकर करण जौहर आज फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम हैं। करण ने साल 1998 में ‘कुछ कुछ होता है’ से डायरेक्शन की शुरुआत की थी। करण की डायरेक्टर के रूप में पिछली फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’थी जो साल 2023 में रिलीज हुई थी। करण अपने बेबाक अंदाज के कारण जाने जाते हैं। उन्होंने अब एक इंटरव्यू में कहा कि इंडस्ट्री में कई लोग अपनी फिल्मों की सच्चाई को स्वीकार ही नहीं करना चाहते।

अगर भ्रम की कोई दवा होती, तो वे इसे कई लोगों को दे देते। करण ने कहा कि मुझे अपनी सफलता का एहसास तब हुआ जब मैं ‘माई नेम इज खान’ की शूटिंग कर रहा था। शुरुआती दिनों में मुझे यही लगता था कि मैं ज्यादा टैलेंटेड नहीं हूं, बस किस्मत अच्छी थी। लेकिन इंडस्ट्री में कई लोग ऐसे हैं जो अपनी फिल्मों की असली स्थिति को समझना ही नहीं चाहते। यह एक तरह की बीमारी है, जिसकी कोई दवा नहीं है।

मैं अपनी फिल्मों की सफलता और असफलता को लेकर ईमानदार रहता हूं। मैं 80 फीसदी हकीकत समझता हूं और 20 फीसदी उम्मीद रखता हूं। लेकिन कई लोग ऐसे हैं जो अपनी फिल्म की सच्चाई को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी-कभी मुझे लगता है कि वे खुद से झूठ बोल रहे हैं या सच में इस भ्रम में जी रहे हैं कि उनकी फिल्म बेहतरीन है।