'कांटा लगा गर्ल' फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का इस साल 27 जून को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इससे उनके पति पराग त्यागी और फैंस को गहरा सदमा पहुंचा था। वे धीरे-धीरे इस गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। पराग और उनका पेट डॉग सिम्बा पूरी तरह से अकेले पड़ गए। इस बीच पराग का रक्षाबंधन पर एक भावुक कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल पराग ने शनिवार (9 अगस्त) को रक्षाबंधन के मौके पर शेफाली की तरफ से सिम्बा को राखी बांधी। पराग ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो शेयर किया है।
इसमें आप देख सकते हैं कि सिम्बा और शेफाली का हाउस हेल्पर चेयर पर बैठे हैं। वहीं, पराग जमीन पर बैठकर पहले सिम्बा को टीका लगाते हैं और फिर उसे राखी बांधते हैं। सिम्बा के बाद पराग ने उनके स्टाफ सदस्य राम की कलाई पर भी राखी बांधी। बता दें शेफाली हर साल सिम्बा और राम को राखी बांधती थीं। पराग ने इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, “परी, तुम हमारे बेबी सिम्बा और हमारे राम को राखी बांधती थीं।
मैं चाहता हूं कि तुम मेरे जरिए भी ऐसा करती रहो, इसलिए आज मैंने तुम्हारी तरफ से सिम्बा और राम को राखी बांधी...अब मैं तुम्हारे सारे फर्ज निभाऊंगा...आखिरी सांस तक प्यार करता रहूंगा।” इस दिल को छू लेने वाले वीडियो में पराग और शेफाली की एक बड़ी तस्वीर भी थी। बता दें जब से शेफाली ने दुनिया को अलविदा कहा है तब से पराग कई दफा सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी यादें शेयर कर चुके हैं।
‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ और शेफाली जरीवाला की दोस्तीमशहूर यूट्यूबर ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ की ‘बिग बॉस 13’ में शेफाली के साथ दोस्ती को फैंस आज भी याद करते हैं। उनकी बॉन्डिंग इतनी गहरी थी कि शो खत्म होने के बाद भी वे अक्सर मिलते-जुलते रहे। ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ शेफाली को दोस्त के साथ बेटी और बहन की तरह मानते थे। उन्होंने रक्षाबंधन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शेफाली को याद किया। उन्होंने लिखा, “हैप्पी रक्षाबंधन बेटा। आज मैंने खुद राखी बांधी तेरे नाम की। मिस यू।”
इस पोस्ट में उन्होंने अपनी और शेफाली की पिछली राखी की तस्वीर भी शेयर की, जिसे देख फैंस भावुक हुए जा रहे हैं। पोस्ट के बैकग्राउंड में अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षाबंधन’ का गीत ‘धागों से बांधा…’ बज रहा था। गौरतलब है कि शेफाली के निधन ने ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ को काफी तोड़कर रख दिया था। एक इंटरव्यू में भाऊ ने कहा था कि शेफाली मेरे लिए बहन नहीं, बल्कि बेटी जैसी थीं।
साल में तीन खास अवसर होते थे – रक्षाबंधन, गणपति उत्सव और भाई दूज, जब शेफाली मुझे फोन करती थीं। मैं उन दिनों के लिए बेसब्री से इंतजार करता था, सोचता था कि शेफाली कब फोन करेगी और मुझे क्या पकाना चाहिए। बता दें ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ का असली नाम विकास जयराम पाठक है।