अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म जॉली एलएलबी 3 को लेकर दायर याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि फिल्म में कानूनी पेशे को अपमानजनक ढंग से दिखाया गया है और इसके ट्रेलर व गानों से अधिवक्ताओं की छवि धूमिल हो रही है।
अदालत का फैसलाजस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने फिल्म के तीनों आधिकारिक ट्रेलर और टीज़र देखने के बाद कहा कि इनमें ऐसा कोई भी आपत्तिजनक तत्व नहीं है, जिस पर अदालत हस्तक्षेप करे। अदालत ने फिल्म के गाने ‘भाई वकील है’ के बोलों की भी जांच की और यह निष्कर्ष दिया कि इसमें कानूनी पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कोई सामग्री नहीं है।
याचिकाकर्ता की दलीलेंयाचिकाकर्ता जय वर्धन शुक्ला ने दलील दी थी कि फिल्म में वकीलों और न्यायपालिका को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना था कि ट्रेलर और गाने सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो चुके हैं, जिससे अधिवक्ताओं और विधि छात्रों की मानसिकता प्रभावित हो रही है और न्याय व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
सरकार और अदालत की प्रतिक्रियाडिप्टी सॉलिसिटर जनरल एस.बी. पांडे ने अदालत के समक्ष दलील दी कि याचिकाकर्ता ने फिल्म से संबंधित कोई भी औपचारिक शिकायत सक्षम प्राधिकरण के पास दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 के अनुसार, किसी ऑनलाइन सामग्री से आहत व्यक्ति को पहले प्रकाशक या मध्यस्थ से संपर्क करना चाहिए। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
पहले भी उठे विवादगौरतलब है कि हाल ही में पुणे की एक सिविल कोर्ट ने अक्षय कुमार और अरशद वारसी को नोटिस जारी किया था। वहां भी अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया था कि फिल्म के टीज़र में वकीलों और न्यायाधीशों को अपमानजनक ढंग से दिखाया गया है।
रिलीज़ की तैयारीजॉली एलएलबी 3 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है। अक्षय कुमार और अरशद वारसी की मौजूदगी वाली यह फिल्म पहले से ही चर्चाओं में है और अदालत का यह फैसला इसकी रिलीज़ की राह में आई कानूनी रुकावट को दूर करता है।