बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार मामला ऐसा है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। दरअसल, वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज फेडरेशन (FWICE) ने मशहूर सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनकी आने वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ से उन्हें बाहर निकालने और उनका बहिष्कार करने की मांग की जा रही है। वजह? दिलजीत ने अपनी नई फिल्म ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ काम किया है।
हालांकि, इस पूरे विवाद को लेकर सभी कलाकार एक राय नहीं हैं। हाल ही में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने खुलकर दिलजीत दोसांझ का समर्थन किया और FWICE को आड़े हाथों ले लिया। उनका कहना है कि फिल्म में कास्टिंग के लिए दिलजीत जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि निर्देशक की भूमिका अहम रही है। नसीर साहब के इस बयान के बाद इंडस्ट्री में एक और बहस छिड़ गई है।
नसीरुद्दीन शाह ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखा था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया। उसमें उन्होंने लिखा था – मैं दिलजीत के साथ मजबूती से खड़ा हूं। जुमला पार्टी की गंदी चालें उसे निशाना बनाने का मौका ढूंढ रही थीं। अब उन्हें लगता है कि उन्हें मौका मिल गया है। फिल्म की कास्टिंग के लिए दिलजीत जिम्मेदार नहीं हैं, निर्देशक हैं। लेकिन किसी को उनके बारे में जानकारी नहीं, जबकि दिलजीत को पूरी दुनिया जानती है। उन्होंने सिर्फ इसलिए कास्टिंग स्वीकार की क्योंकि उनका दिल साफ है, वे नफरत में यकीन नहीं करते।
इस बयान के बाद, भारतीय फिल्म और टेलीविजन निर्देशक संघ (IFTDA) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा – हमें नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रिया पर कोई हैरानी नहीं है। वह हमें ‘जुमला पार्टी’ कहते हैं, हमें ‘गुंडे’ कहते हैं। एक शिक्षित, बहुमुखी अभिनेता होकर भी यदि कोई वरिष्ठ व्यक्ति ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करे तो यह उनकी अपनी बेचैनी और निराशा को दर्शाता है।
मैं नसीरुद्दीन शाह को बताना चाहूंगा कि…अशोक पंडित ने आगे कहा, ‘नसीरुद्दीन शाह कहते हैं कि दिलजीत कास्टिंग के लिए जिम्मेदार नहीं थे. खैर, मैं नसीरुद्दीन शाह को बताना चाहूंगा कि वह एक एक्टर थे. वह पाकिस्तानी स्टार्स के साथ काम करने से इनकार कर सकते थे.‘ अशोक पंडित ने आगे बेहद भावुक अंदाज़ में कहा, “यह वाकई दुखद है कि मुझे, वेस्टर्न इंडिया के वरिष्ठ फिल्म कर्मचारियों की ओर से, नसीरुद्दीन शाह को भारत और पाकिस्तान के बीच की हकीकत समझानी पड़ रही है। पिछले 40 सालों से पाकिस्तान सिर्फ भारत का अपमान करता आ रहा है। उसने हमारे देश में आतंकवाद फैलाया, निर्दोषों की जान ली, औरतों के साथ बर्बरता की और 26/11 जैसे नरसंहार किए। यह केवल पहलगाम की बात नहीं है—यह उरी, पुलवामा, मुंबई हमलों की पूरी श्रृंखला है, जिनके पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है। पाकिस्तान एक आतंकवादी राष्ट्र है—और यही सच्चाई है।”
देश पहले आता है: अशोक पंडित का साफ संदेशअशोक पंडित ने ज़ोर देते हुए कहा, “हमारे लिए, हमारा देश सबसे पहले आता है। यही वजह है कि हमने ‘सरदार जी 3’ जैसी फिल्म और उसके कलाकारों के खिलाफ गैर-सहयोग का निर्णय लिया है। और हम अपने इस फैसले पर अडिग हैं। नसीर साहब जो कहें, लेकिन हमारा स्टैंड साफ है।”
पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन का असरआपको बता दें कि FWICE ने इस साल की शुरुआत में हुए पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया था। इसी बीच ‘सरदार जी 3’ रिलीज़ हुई, जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर की मौजूदगी ने विवाद को और भड़का दिया। संघ ने इस पर दिलजीत दोसांझ से बिना शर्त माफी की मांग की, और आरोप लगाया कि उन्होंने ‘राष्ट्रीय भावनाओं’ को ठेस पहुंचाई और देश के सैनिकों के ‘बलिदान’ की अनदेखी की।
दिलजीत दोसांझ ने दी थी ये सफाईइस पूरे विवाद पर दिलजीत दोसांझ ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “जब ये फिल्म बनाई गई थी, तब स्थितियां सामान्य थीं। ये फरवरी में शूट की गई थी। उसके बाद जो कुछ हुआ, वो हमारे हाथ में नहीं था। जब पहलगाम हमला हुआ, तो निर्माताओं को समझ आ गया कि इस फिल्म की भारत में रिलीज़ संभव नहीं होगी। इसलिए उन्होंने इसे विदेश में रिलीज़ करने का फैसला किया क्योंकि फिल्म पर काफी पैसा खर्च किया गया था।”