नाना पाटेकर की निजी जिंदगी रही फिल्मी दुनिया से अलग, पत्नी नीलकांति से बेटे मल्हार और दुर्वासा तक जानिए परिवार के बारे में

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके फिल्मी सफर के साथ-साथ निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलू भी चर्चा में हैं। नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह 75 साल की उम्र में गोवा स्थित उनके घर पर निधन हुआ। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की। इसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर के दौरान अपनी निजी जिंदगी को अपेक्षाकृत सीमित दायरे में रखा। उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर भी थिएटर से जुड़ी रही हैं, जबकि उनके बेटे मल्हार ने फिल्ममेकिंग का रास्ता चुना। नाना और नीलकांति के परिवार में एक और बेटा भी था, जिसे उन्होंने बचपन में ही खो दिया था।

1978 में हुई थी नाना पाटेकर और नीलकांति की शादी

नाना पाटेकर की पत्नी का नाम नीलकांति पाटेकर था। दोनों की शादी साल 1978 में हुई थी। नीलकांति ने बैंक अधिकारी के तौर पर काम किया था और उनका जुड़ाव मराठी थिएटर से भी रहा। उन्हें अभिनय में रुचि थी और उन्होंने मराठी रंगमंच पर काम किया था। नाना के शुरुआती संघर्ष के दौर में नीलकांति उनके साथ रहीं। हालांकि, समय के साथ दोनों अलग-अलग रहने लगे। इसके बावजूद उनके रिश्ते में सम्मान बना रहा। नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए बताया था कि अलग रहने के बावजूद दोनों के बीच अच्छे संबंध थे।

बेटा मल्हार फिल्ममेकिंग से जुड़े हैं

नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। मल्हार ने भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रास्ता चुना और फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में काम करते हैं। वह अपने पिता के प्रोडक्शन से जुड़े काम भी संभालते रहे हैं। नाना के निधन की खबर सामने आने के बाद मल्हार के गोवा रवाना होने की जानकारी सामने आई थी। पिता के निधन के बाद परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों में भी उनकी भूमिका रही।
ढाई साल की उम्र में बेटे दुर्वासा को खो दिया था

नाना पाटेकर और नीलकांति का एक और बेटा था, जिसका नाम दुर्वासा था। दुर्वासा का बचपन में ही बीमारी के कारण निधन हो गया था। वह करीब ढाई साल के थे। अपने इस बेटे को खोने का दर्द नाना पाटेकर ने कई मौकों पर साझा किया था। उन्होंने बताया था कि दुर्वासा की जिंदगी भले ही बहुत छोटी रही, लेकिन उस दौरान मिले अनुभवों ने उन्हें काफी कुछ सिखाया। बेटे की मौत उनके निजी जीवन की उन घटनाओं में रही, जिसका दर्द उन्होंने लंबे समय तक महसूस किया। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी फिल्मों और अभिनय के साथ उनके परिवार की यह कहानी भी सामने आई है, जिसमें पत्नी नीलकांति के साथ लंबे रिश्ते, बेटे मल्हार का फिल्ममेकिंग से जुड़ना और बचपन में बेटे दुर्वासा को खोने का दुख शामिल है।