एक्ट्रेस कंगना रनौत की मचअवेटेड फिल्म 'इमरजेंसी' 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कलाकारों की अच्छी एक्टिंग के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई। इस बीच एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने अपने पिता के साथ ये फिल्म देखी, जिस पर उन्होंने अपने विचार साझा किए हैं। मृणाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘इमरजेंसी’ से कुछ स्टिल्स शेयर करते हुए लिखा, “मैंने अपने पिता के साथ हाल ही में 'इमरजेंसी' देखी और मैं अभी भी उस अनुभव से उबर नहीं पा रही हूं!
कंगना रनौत की बहुत बड़ी फैन होने के नाते, मैं इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी और यह एक मास्टर पीस थी। ‘गैंगस्टर’ से ‘क्वीन’ तक, ‘तनु वेड्स मनु’ से लेकर ‘मणिकर्णिका’, ‘थलाइवी’ और अब ‘इमरजेंसी’ तक, कंगना ने लगातार सीमाओं को पार किया है और अपनी अविश्वसनीय प्रतिभा से मुझे प्रेरित किया है। यह फिल्म कोई अपवाद नहीं है - डिटेल पर ध्यान, कैमरा वर्क, कॉस्ट्यूम और परफॉर्मेंस सभी टॉप नॉच हैं! कंगना, आपने एक निर्देशक के रूप में खुद को पीछे छोड़ दिया है! मेरा पसंदीदा सीन...दूरबीन के साथ सेना अधिकारी का मार्मिक क्षण, नदी तट के दूसरी ओर जाना और भावनाओं को पूरी तरह से कैद करना।
स्क्रिप्ट, डायलॉग, म्यूजिक और एडिटिंग सभी सहज और आकर्षक हैं। मुझे श्रेयस जी, महिमा जी, अनुपम सर और सतीश जी, मिलिंद सर को अपनी भूमिकाओं में चमकते हुए देखना अच्छा लगा - हर अभिनेता अपना ए-गेम लेकर आया! कंगना आप सिर्फ एक एक्टर नहीं हैं, आप एक सच्ची कलाकार और प्रेरणा हैं। चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाने का आपका साहस सराहनीय है और अपनी कला के प्रति आपका समर्पण हर फ्रेम में स्पष्ट है। अगर आपने अभी तक ‘इमरजेंसी’ नहीं देखी है, तो कृपया अपने आप पर एक एहसान करें और जल्दी से इसे सिनेमाघरों में देखें!
यह हर भारतीय को अवश्य देखना चाहिए और मैं गारंटी देती हूं कि आप प्रेरित, उत्साहित और यहां तक कि थोड़ा आंसू बहाते हुए वापस जाएंगे। इस शानदार फिल्म को बनाने के लिए कंगना और ‘इमरजेंसी’ की पूरी टीम को धन्यवाद। मैं इसे बड़े पर्दे पर अनुभव करने के लिए बहुत आभारी हूं! पी.एस. श्रीमती इंदिरा गांधी भारतीय इतिहास की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक थीं और अब भी हैं। मिस कंगना रनौत भारतीय सिनेमा की सबसे गिफ्टेड, टैलेंटेड और साहसी अभिनेत्रियों में से एक हैं! शीतल शर्मा आप जादूगर हैं और मैं आपकी तारीफ करने से कभी नहीं थक सकती।”
जया बच्चन ने कहा, दिहाड़ी मजदूरों का जिंदा रहना मुश्किल हो गया है…समाजवादी पार्टी (सपा) की राज्यसभा सदस्य और एक्ट्रेस जया बच्चन (76) ने सरकार पर फिल्म उद्योग को ‘खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार (11 फरवरी) को राज्यसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पर चर्चा के दौरान कहा कि दिहाड़ी मजदूरों का जिंदा रहना मुश्किल हो गया है और सिंगल-स्क्रीन थिएटर बंद हो रहे हैं। लोग सिनेमा हॉल नहीं जा रहे हैं क्योंकि सब कुछ बहुत महंगा हो गया है।
जया ने सदन में फिल्म उद्योग को बचाने और इसे जीवित रखने में मदद के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कुछ प्रस्ताव लाने की अपील की। जया ने कहा कि यह एक ‘बहुत कठिन उद्योग’ है। ऐसे में मैं अनुरोध करती हूं कि इस पर विचार करें और इस उद्योग को जिंदा रखने में मदद करने के लिए कुछ प्रस्ताव लाएं। आपने एक उद्योग को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। पहले की सरकारें भी यही काम करती रहीं, लेकिन आज आप इसे अगले स्तर पर ले गए हैं।
सरकार ने फिल्म और मनोरंजन जगत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है, क्योंकि सरकार उनका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ अपने उद्देश्य के लिए करती है। आप क्या फिल्म इंडस्ट्री खत्म करना चाहते हैं? इससे बड़ा गलत काम आप नहीं कर सकते। यह एकमात्र इंडस्ट्री है जो पूरे विश्व को भारत से जोड़ती है। उल्लेखनीय है कि जया इन दिनों कम ही फिल्मों में नजर आती हैं। उनकी पिछली फिल्म साल 2023 में आई ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ थी।