बॉडी शेमिंग से टूट जाती थीं मृणाल ठाकुर, रोते-रोते सूज जाती थीं आंखें, फिर इस सुपरस्टार की सलाह ने बदली सोच

इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म दो दीवाने सहर में को लेकर चर्चा में चल रहीं मृणाल ठाकुर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने निजी संघर्षों पर खुलकर बात की। पर्दे पर आत्मविश्वास से भरी दिखने वाली मृणाल ने स्वीकार किया कि असल जिंदगी में उन्हें लंबे समय तक बॉडी शेमिंग और सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब वजन और शरीर को लेकर की गई टिप्पणियों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था।

जब तानों ने तोड़ दिया आत्मविश्वास

मृणाल ने साझा किया कि इंडस्ट्री में मौजूद तयशुदा ब्यूटी स्टैंडर्ड्स को लेकर उन पर भी दबाव बनाया जाता था। उन्होंने एक बातचीत में कहा, “मेरे जीवन में भी ऐसे दिन आए जब मैं रोते-रोते सो जाती थी। कई सुबहें सूजी हुई आंखों के साथ शुरू होती थीं। तब खुद को समझाना पड़ता था कि मैं इससे कहीं ज्यादा की हकदार हूं।”

उन्होंने माना कि लगातार जजमेंट और तुलना के माहौल में खुद को संभाल पाना आसान नहीं होता। खासकर तब, जब हर कोई आपको किसी तय पैमाने पर परखने लगता है। हालांकि समय के साथ उन्हें यह एहसास हुआ कि असली बदलाव बाहर नहीं, भीतर से आता है।
एक फैन से मुलाकात बनी टर्निंग पॉइंट

मृणाल ने बताया कि एक दिन एक युवा फैन ने उनके शरीर की तारीफ की। उस पल उन्हें महसूस हुआ कि जिस चीज को लेकर वह खुद असुरक्षित थीं, वही किसी और के लिए प्रेरणा हो सकती है। उन्हें समझ आया कि वह खुद किसी और जैसी बनने की कोशिश में थीं, जबकि कई लोग उन्हें वैसे ही पसंद करते हैं जैसी वह हैं।

यह अनुभव उनके लिए सोच बदलने वाला साबित हुआ। उन्होंने तय किया कि अब वह दूसरों की स्वीकृति के बजाय खुद की नजर में खुद को स्वीकार करेंगी।

अक्षय कुमार की सलाह ने दी नई दिशा

अपने आत्मविश्वास को फिर से पाने के सफर में मृणाल ने अभिनेता अक्षय कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक मुलाकात के दौरान अक्षय ने उनसे कहा था कि उन्हें खुशी है कि मृणाल ने खुद को अपने वास्तविक रूप में स्वीकार किया है।

अक्षय ने उन्हें सलाह दी थी कि आसपास की नकारात्मक आवाजों को अनसुना करना सीखो और वही करो जो तुम्हें सही लगे। हां, यदि किसी किरदार की जरूरत हो तो शारीरिक बदलाव करना पेशे का हिस्सा है, लेकिन वह निर्णय दबाव में नहीं बल्कि समझदारी से होना चाहिए।

मृणाल के मुताबिक, इस बातचीत ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि खुद की भलाई और मानसिक शांति को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।

अब अपनी त्वचा में सहज हैं मृणाल

समय के साथ मृणाल ने अपने नैचुरल कर्व्स को अपनाना सीख लिया है। वह कहती हैं कि अब वह खुद को लेकर पहले से ज्यादा सहज और मजबूत महसूस करती हैं। सकारात्मक सोच और करीबी दोस्तों के सहयोग ने उन्हें सार्वजनिक आलोचना का सामना करने की ताकत दी है।

उनका मानना है कि सेल्फ-एक्सेप्टेंस ही असली कॉन्फिडेंस की नींव है। जब आप खुद को स्वीकार कर लेते हैं, तब बाहरी आवाजें उतनी असरदार नहीं रह जातीं।

‘दो दीवाने सहर में’ से बटोर रहीं तारीफ

वर्क फ्रंट की बात करें तो मृणाल की फिल्म दो दीवाने सहर में 20 फरवरी 2026 को रिलीज हुई। इसमें उन्होंने सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ स्क्रीन साझा की है। फिल्म ने शुरुआती वीकेंड में भारत में लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की कमाई की।

इस रोमांटिक ड्रामा का निर्देशन रवि उदयवार ने किया है, जबकि इसे संजय लीला भंसाली के बैनर और ज़ी स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रोड्यूस किया गया है। फिल्म एक पारंपरिक परीकथा जैसी प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह दो अधूरे और भावनात्मक संघर्षों से जूझ रहे किरदारों की कहानी कहती है, जो अपने-अपने घावों के साथ रिश्ते को समझने की कोशिश करते हैं।