60 की उम्र में भी एनर्जी का तूफान हैं मिलिंद सोमन! सिर्फ 3 दिन में तय किए 330 KM, जानिए फिटनेस सीक्रेट

हेल्थ और फिटनेस के प्रति जबरदस्त जुनून रखने वाले मिलिंद सोमन ने हाल ही में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे सुनकर यकीन करना मुश्किल लगता है। उन्होंने सिर्फ 3 दिनों में मुंबई से गोवा तक 330 किलोमीटर की दूरी साइकिल और दौड़कर तय की—वो भी बिना रुके, बिना थके। 60 साल की उम्र में जहां लोग सुबह की सैर भी छोड़ देते हैं, वहीं मिलिंद फिटनेस की मिसाल बनकर सबको प्रेरणा दे रहे हैं।

वो इन दिनों #FitIndianRun पहल का हिस्सा हैं और अपने सोशल मीडिया पर लगातार अनुभव साझा कर रहे हैं। मिलिंद ने बताया कि ये सफर आसान नहीं था, लेकिन उनकी डेडिकेशन और फिटनेस ने हर मुश्किल को पार कर दिया। उन्होंने अपनी डाइट और डेली रूटीन को लेकर भी कई बातें शेयर कीं, जिन्हें जानकर आप भी शायद अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाना चाहें।

डाइट नहीं, ये तो मिलिंद का सिंपल लेकिन असरदार फिटनेस मंत्र है

मिलिंद सोमन 59 साल के हैं, लेकिन उनकी फिटनेस देखकर लोग 30 का समझते हैं। वे खुद कहते हैं कि फिट रहने के लिए उन्हें कोई भारी-भरकम जिम या प्रोटीन शेक्स की जरूरत नहीं पड़ती। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 330 किलोमीटर दौड़ने के बाद भी मैं खुद को तरोताजा महसूस कर रहा हूं। मेरी फिटनेस मुझे ताकत देती है, जो मैंने सालों से बनाए रखी है।
कैसी होती है मिलिंद सोमन की डाइट?

उन्होंने खुलासा किया कि उनकी डाइट बेहद सिंपल है। वे मांस या अंडे नहीं खाते, बल्कि पूरी तरह शाकाहारी हैं। सुबह जल्दी न उठ पाने की बात करते हुए हंसते हुए कहा, “मैं जल्दी उठने वालों में नहीं हूं, लेकिन उठने के बाद 10-15 मिनट का वर्कआउट जरूर करता हूं और फिर अपनी डाइट को पूरी श्रद्धा से फॉलो करता हूं।”

दिन की शुरुआत होती है ढेर सारा पानी पीने से

मिलिंद कहते हैं कि वो दिन की शुरुआत खूब सारा पानी पीकर करते हैं। वो चाय और कॉफी नहीं पीते, बल्कि सीजनल फल और ड्राय फ्रूट्स लेते हैं।

लंच: दाल, चावल, रोटी, हरी सब्ज़ियां और सलाद—यही उनका दोपहर का खाना होता है।
डिनर: हल्का-फुल्का खाना जैसे खिचड़ी और उबली हुई सब्जियां।

वो कहते हैं, “मैं इस डाइट को सालों से फॉलो कर रहा हूं और मुझे खुद को इस उम्र में भी एनर्जेटिक और हेल्दी देखकर बहुत खुशी होती है।”

मिलिंद की जिंदगी है मिसाल उन सभी के लिए जो उम्र का बहाना बनाते हैं

मिलिंद सोमन साबित करते हैं कि अगर इरादा पक्का हो, तो उम्र सिर्फ एक नंबर बनकर रह जाती है। उनकी फिटनेस और जीवनशैली न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि एक सीख भी है कि सादगी में भी शक्ति छुपी होती है।