दिवंगत दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार की पत्नी मशहूर एक्ट्रेस सायरा बानो (80) को हाल ही में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनकी पिंडली में खून के थक्के जमने की बात सामने आई है। इससे पहले अक्टूबर में उन्हें निमोनिया के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन खबरों से उनके फैंस चिंतित हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सायरा की पिंडली में खून के 2 थक्के पाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल यदि समय पर उपचार नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। सायरा चल-फिर सकती हैं, लेकिन किसी भी काम को करने में उन्हें कठिनाई हो रही है।
साल 2021 में दिलीप कुमार के निधन के बाद से सायरा के स्वास्थ्य में गिरावट देखी जा रही है। सायरा का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। डॉक्टर उनकी हालत पर कड़ी नजर रख रहे हैं और परिवार उनके स्वास्थ्य को लेकर सजग है। सायरा के फैंस उनके जल्द से जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। बता दें सायरा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह दिलीप और खुद से जुड़ी गुजरे जमाने की बातें शेयर करती हैं।
सायरा ने आखिरी बार दिवाली पर पति के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने दिवाली की यादें और दिलीप के साथ बिताए पलों को संजोया था। सायरा की पहली फिल्म साल 1961 में आई ‘जंगली’ थी। दो दशक के करिअर में सायरा ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान कॉमेडी फिल्म ‘पड़ोसन’ से मिली। उन्होंने साल 1966 में दिलीप के साथ शादी की थी और 80 के दशक के आखिर में फिल्मी दुनिया को गुडबाय कह दिया।
यह वह वक्त था जब मैं पूरी तरह से टूट चुका था : मुनव्वर फारुकीमशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘बिग बॉस 17’ के विजेता मुनव्वर फारुकी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। मुनव्वर ने हाल ही अपने जीवन के एक दर्दनाक अनुभव को साझा किया। मुनव्वर ने एक पॉडकास्ट के साथ बातचीत में कहा कि जब मेरा बेटा मिखाइल महज डेढ़ साल का था, तब उसे कावासाकी नामक एक रेयर और खतरनाक बीमारी हो गई थी। कावासाकी बीमारी एक प्रकार की सूजन होती है, जो ब्लड वेसेल्स को प्रभावित करती है और इससे दिल को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है।
इसके इलाज के लिए उच्च गुणवत्ता की मेडिकल देखभाल की आवश्यकता होती है। तब मेरी वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं बेटे का इलाज करवा सकूं। मेरे लिए यह एक बेहद कठिन समय था, क्योंकि मैं बच्चे की जान बचाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा था, लेकिन पैसे की कमी मेरी सबसे बड़ी चिंता बन गई थी।
यह वह वक्त था जब मैं पूरी तरह से टूट चुका था। मेरे परिवार और दोस्तों का सपोर्ट इस मुश्किल वक्त में बहुत मायने रखता था। जीवन में किसी भी समस्या का समाधान केवल आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि लोगों के प्यार, सपोर्ट और विश्वास से भी मिलता है।