फिल्मी दुनिया से थोड़ा दूर होना मेरे लिए जरूरी था', 'भारत भाग्य विधाता' से पहले कंगना रनौत का खुलासा

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' को लेकर लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कंगना ने अपने किरदार, व्यक्तिगत अनुभवों और फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने के फैसले को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में नर्स की भूमिका निभाते समय उन्हें जीवन की कई नई सच्चाइयों को करीब से समझने का अवसर मिला।

नर्स के किरदार ने बदल दी सोच

कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कंगना ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने के बाद व्यक्ति एक ऐसे माहौल का हिस्सा बन जाता है, जहां वास्तविक जीवन की चुनौतियां और आम लोगों की परिस्थितियां कहीं पीछे छूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस फिल्म में एक नर्स के जीवन को समझने और उसे पर्दे पर उतारने की कोशिश की, तब उन्हें महसूस हुआ कि वास्तविक दुनिया से जुड़े रहना कितना महत्वपूर्ण है।

कंगना के मुताबिक, इस किरदार ने उन्हें यह समझने में मदद की कि फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से बाहर निकलकर समाज के उन लोगों को जानना जरूरी है, जो रोजमर्रा की कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उनके सोचने का नजरिया काफी हद तक बदल दिया।

राजनीति ने कराया जमीनी हकीकत से परिचय

कंगना रनौत ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति से जुड़ने के बाद उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से मिलने और उनकी समस्याओं को समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए केवल अभिनय कौशल ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जीवन की वास्तविकताओं को समझना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोई भी अभिनेता खुद को कितना भी प्रतिभाशाली मान ले, लेकिन यदि वह समाज और लोगों की वास्तविक भावनाओं से जुड़ा नहीं रहेगा तो कई किरदारों को ईमानदारी से निभाना मुश्किल हो जाएगा। कंगना का मानना है कि जनता के बीच बिताया गया समय उनके अभिनय को और अधिक संवेदनशील और वास्तविक बनाने में मददगार साबित हुआ है।
किरदार को माना एक तरह की साधना

अपने अनुभव साझा करते हुए कंगना ने कहा कि अक्सर लोग एक सीमित और आरामदायक जीवनशैली में रहकर दुनिया को समझने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन उससे कहीं अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि केवल अपनी दिनचर्या और सुविधाजनक वातावरण में रहकर किसी साधारण इंसान के संघर्षों को महसूस नहीं किया जा सकता।

कंगना ने बताया कि भले ही उनका संबंध एक मध्यमवर्गीय परिवार से रहा हो, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक रहने के कारण जीवन का नजरिया बदल जाता है। ऐसे में इस भूमिका को निभाना उनके लिए केवल अभिनय नहीं था, बल्कि एक तरह की आत्मिक यात्रा और सीखने का अवसर भी था। उन्होंने कहा कि वह इस किरदार को एक तपस्या की तरह देखती हैं, जिसने उन्हें खुद से दोबारा जोड़ने का काम किया।

कब रिलीज होगी 'भारत भाग्य विधाता'?

कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की कहानी 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें उन नर्सों तथा मेडिकल स्टाफ के साहस को दिखाया गया है, जिन्होंने संकट की घड़ी में मानवता और कर्तव्य का परिचय दिया था।

फिल्म में कंगना एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। इसका निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म उन अनसुने नायकों की कहानी को सामने लाएगी, जिनकी बहादुरी अक्सर बड़े घटनाक्रमों के बीच चर्चा से दूर रह जाती है।

ट्रेलर के बाद बढ़ी दर्शकों की उत्सुकता

फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं लगातार देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने ट्रेलर की भावनात्मक प्रस्तुति और कंगना के अभिनय की सराहना की है। कुछ प्रशंसकों ने इसे उनकी दमदार वापसी बताया है, जबकि कई दर्शकों ने ट्रेलर को भावुक और प्रेरणादायक करार दिया।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि ट्रेलर ने उन्हें भावुक कर दिया और फिल्म देखने की उत्सुकता और बढ़ा दी है। कंगना के प्रशंसकों का मानना है कि चुनौतीपूर्ण और गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों में उनका प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है, और 'भारत भाग्य विधाता' में भी वह एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित करती नजर आ सकती हैं।

फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है और दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ साहस, सेवा और मानवीय संवेदनाओं की एक प्रेरणादायक कहानी भी प्रस्तुत करेगी।