जंतर-मंतर की तस्वीरों पर छलका सेलेब्स का दर्द, छात्रों के समर्थन में सामने आए 12 सितारे, बोले- 'हमारे देश के बच्चे आतंकवादी नहीं'

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो ने फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया। प्रदर्शन के बाद 12 सेलेब्स ने खुलकर छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। अधिकांश कलाकारों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है और लोकतंत्र में उनकी आवाज को सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए।

1. सोनू सूद

अभिनेता सोनू सूद ने छात्रों के समर्थन में बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला।

2. रोहित सराफ

रोहित सराफ ने पूरे घटनाक्रम को बेहद दुखद और झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि यह दिन दर्द और पीड़ा से भरा रहा, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि इतिहास इस दिन को केवल हिंसा के लिए नहीं, बल्कि युवाओं द्वारा दिखाए गए साहस और दृढ़ता के लिए याद रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया छात्रों की आवाज सुन रही है।

3. सबा पटौदी

सबा पटौदी ने अपने संदेश में युवाओं के भविष्य को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने लिखा कि आने वाला समय युवाओं का है और उन्हें हमेशा सवाल पूछने की आजादी, अपनी बात रखने का साहस तथा शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन 'जय हिंद' के साथ किया।

4. दीया मिर्जा


अभिनेत्री दीया मिर्जा ने कहा कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग करना, जिस पर लोग भरोसा कर सकें, किसी प्रकार का विद्रोह नहीं बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सामने आई तस्वीरें बेहद पीड़ादायक हैं और जवाबदेही की मांग कर रहे युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सम्मानपूर्वक सुने जाने के हकदार हैं। उनके अनुसार लोकतंत्र विरोध की आवाज को दबाने से नहीं, बल्कि उसे सुनने से मजबूत होता है। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों से मानवता, न्याय और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की अपील भी की।
5. नंदिता दास

फिल्म निर्माता और अभिनेत्री नंदिता दास ने कहा कि वह उन सभी लोगों के साथ खड़ी हैं जो लोकतंत्र में संवाद, असहमति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोगों को एकत्र होने, अपनी बात रखने, दूसरों को सुनने और स्वयं सुने जाने का अवसर मिलता है। उनके अनुसार रचनात्मक असहमति ही लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखती है। उन्होंने दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे सभी लोगों के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता भी व्यक्त की।

6. एल्विश यादव

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव ने कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न भाजपा के समर्थक हैं और न ही कांग्रेस के। उनके मुताबिक, अपनी जायज समस्याओं को लेकर सामने आए छात्रों के साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

7. रणवीर शौरी

अभिनेता रणवीर शौरी ने इस पूरे मामले में राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि शिक्षा मंत्री को काफी पहले नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था। उनके अनुसार ऐसा करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी का संदेश देती और विवाद को इतना बढ़ने से रोका जा सकता था, लेकिन अब हालात पहले से ज्यादा गंभीर हो चुके हैं।

8. भूमि पेडनेकर

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा समाधान का रास्ता नहीं हो सकती। उन्होंने लिखा कि देश की जिम्मेदारी है कि युवाओं के आंदोलनों को शांतिपूर्ण बनाए रखा जाए और वे अपने मूल उद्देश्य से न भटकें, क्योंकि लोकतंत्र संवाद और विचार-विमर्श की नींव पर टिका होता है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वह प्रदर्शन में उठाए गए हर मुद्दे से सहमत न हों, लेकिन उनका विश्वास है कि बदलाव की शुरुआत बातचीत से ही होती है। भूमि ने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले का केंद्र केवल छात्रों का भविष्य होना चाहिए और जिन युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, वे जवाब पाने के हकदार हैं।

9. हुमा कुरैशी

हुमा कुरैशी ने भी इस घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें लंबे समय तक उनके मन में बनी रहेंगी। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके अनुसार हालात को अधिक धैर्य, संवेदनशीलता और संवाद के जरिए बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को सवाल पूछने और सरकार से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है तथा किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले उनकी बात सम्मानपूर्वक सुनी जानी चाहिए।

10. जेनेलिया डिसूजा और रितेश देशमुख

जेनेलिया डिसूजा और रितेश देशमुख ने संयुक्त रूप से छात्रों के समर्थन में संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि वे देश के युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उनके मुताबिक युवाओं की आवाज लोकतंत्र की धड़कन है और वही भारत के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि युवाओं को सुना जाए, उनका साथ दिया जाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के सपने, साहस और ऊर्जा ही भविष्य के भारत की दिशा तय करेंगे।

11. मुनव्वर फारुकी

कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी ने वीडियो साझा करते हुए छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों ने केवल अपने अधिकारों की मांग की थी। परीक्षा रद्द होने के बाद उनका समय, मेहनत और सपने प्रभावित हुए, लेकिन उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, मेरे देश के बच्चे आतंकवादी नहीं हैं। उन्हें मारने या पीटने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों की लापरवाही या गलत फैसलों से यह स्थिति पैदा हुई है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से चुप न रहने और अपनी आवाज उठाने की अपील भी की।

12. आयुष शर्मा

अभिनेता आयुष शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली पहचान केवल मतदान नहीं, बल्कि हर नागरिक की आवाज को महत्व देने में है। उनके अनुसार जब छात्र या कोई भी नागरिक अपनी बात रखता है, तो उसे गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक बात है कि छात्रों की आवाज आखिरकार सरकार तक पहुंची, लेकिन दुख इस बात का है कि उन्हें अपनी मांगों के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। आयुष ने उम्मीद जताई कि यह आंदोलन ऐसे भारत की ओर एक कदम साबित होगा, जहां हर नागरिक की आवाज सम्मानपूर्वक सुनी जाएगी और हर विवाद का समाधान बल प्रयोग नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से निकाला जाएगा। उन्होंने अंत में देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए 'जय हिंद' कहा।’