नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के साथ-साथ अपनी विषयवस्तु को लेकर भी चर्चा में है। फिल्म के सिनेमाघरों में 33 दिन पूरे हो चुके हैं और भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 169.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी बीच फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, निर्माता और कलाकारों ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान फिल्म से जुड़े विभिन्न पहलुओं के साथ नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन पर बातचीत हुई।
लखनऊ में हुई फिल्म की टीम और सीएम योगी की मुलाकातफिल्म की टीम बीते दिन लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पहुंची। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के साथ फिल्म के निर्माता और कलाकार भी इस मुलाकात में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बैठक की तस्वीरें आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गईं।
मुलाकात के दौरान टीम ने फिल्म के निर्माण से जुड़े अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। बातचीत में फिल्म में प्रस्तुत नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन और नाथ संप्रदाय से जुड़े प्रसंगों पर विशेष चर्चा हुई।
फिल्म में बाबा के जीवन और साधना को नाथ परंपरा से जुड़े संतों के संदर्भ में दिखाया गया है। टीम ने मुख्यमंत्री को फिल्म के कुछ प्रमुख दृश्यों के बारे में भी जानकारी दी। इनमें गोरखनाथ और नाथ संप्रदाय की परंपरा से जुड़े संदर्भ शामिल हैं।
नाथ परंपरा से बाबा के जुड़ाव को फिल्म में मिली जगह‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा, जिन्हें महाराज-जी के नाम से भी जाना जाता है, की आध्यात्मिक यात्रा को प्रमुखता दी गई है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने मुलाकात के दौरान बाबा के शुरुआती आध्यात्मिक जीवन से जुड़े कुछ पहलुओं पर भी चर्चा की।
निर्देशक के मुताबिक, बाबा ने अपने जीवन के शुरुआती दौर में नाथ परंपरा से जुड़े संतों का सान्निध्य प्राप्त किया था। फिल्म में उनके इसी जुड़ाव को आध्यात्मिक यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। निर्देशक का दावा है कि संतों के संपर्क और साधना के जरिए बाबा के व्यक्तित्व में आध्यात्मिक शक्ति और दिव्य चेतना का विकास हुआ।
क्या है नाथ संप्रदाय से जुड़ा संदर्भ?फिल्म की कहानी में जिस नाथ परंपरा का संदर्भ दिया गया है, उसमें योग, ध्यान, साधना और वैराग्य को महत्व दिए जाने की बात कही गई है। इस परंपरा का संबंध भगवान शिव से जोड़ा जाता है।
‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक सफर को इसी परंपरा से जुड़े संतों के साथ उनके संबंधों के संदर्भ में पेश किया गया है। फिल्म के जरिए बाबा के जीवन के आध्यात्मिक पक्ष और उनकी साधना से जुड़े पहलुओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है।
हनुमान भक्ति और सेवा के संदेश पर आधारित है फिल्मविशाल चतुर्वेदी के निर्देशन और लेखन में तैयार ‘हनुमान अंश’ एक आध्यात्मिक ड्रामा है। फिल्म का केंद्र नीम करोली बाबा का जीवन और उनकी शिक्षाएं हैं। कहानी में उनकी हनुमान भक्ति से जुड़े विश्वास के साथ प्रेम और सेवा के संदेश को भी प्रमुखता दी गई है।
फिल्म का उद्देश्य बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक पहलुओं और उनके विचारों को दर्शकों तक पहुंचाना है। इसी वजह से कहानी में उनके आध्यात्मिक सफर और शिक्षाओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
170 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म की कमाई‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस सफर भी लगातार ध्यान खींच रहा है। रिलीज के 33 दिन पूरे होने के बाद भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 169.20 करोड़ रुपये हो गया है। अब यह 170 करोड़ रुपये के आंकड़े से ज्यादा दूर नहीं है।
फिल्म ने बिना किसी बड़े व्यावसायिक शोर के लंबा थिएट्रिकल रन बनाए रखा है। शुरुआती अनुमान से आगे निकलता इसका प्रदर्शन फिल्म की टीम के लिए अहम उपलब्धि के तौर पर सामने आया है। अब फिल्म की कमाई के 170 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने पर नजर बनी हुई है।