गोविंदा बनने वाले थे महाभारत में अभिमन्यु, मां के कहने पर रोल को किया रिजेक्ट; बीआर चोपड़ा ने कहा- 'बाहर निकालो इसे'

टीवी इतिहास में जब भी महाभारत की बात होती है, बीआर चोपड़ा द्वारा निर्देशित महाकाव्य सीरियल का नाम सबसे पहले ज़ुबां पर आता है। यह वही शो है जिसने एक पूरी पीढ़ी को धर्म, नीति और युद्ध की गहराई से रूबरू कराया था। लेकिन इसी शो से जुड़ा एक दिलचस्प और भावनात्मक किस्सा आज भी लोगों को हैरान कर देता है—यह किस्सा है बॉलीवुड के एंटरटेनमेंट किंग गोविंदा का।

कभी अभिमन्यु बनने वाले थे गोविंदा

बहुत कम लोग जानते हैं कि गोविंदा को इस ऐतिहासिक धारावाहिक महाभारत में अभिमन्यु का किरदार निभाने का मौका मिला था। खुद गोविंदा ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि ऑडिशन के बाद उन्हें इस भूमिका के लिए सिलेक्ट कर लिया गया था और वह इस अवसर को लेकर काफी उत्साहित भी थे। लेकिन ठीक उसी समय, उनके चाचा की फिल्म तन-बदन की शूटिंग शुरू हो गई थी, जिसमें उन्हें लीड एक्टर के तौर पर चुना गया।

जब मां के फैसले ने बदल दी दिशा

इसी दोराहे पर खड़े गोविंदा ने अपनी मां से राय मांगी। उनकी मां, जिनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन उनके करियर की रीढ़ रहा है, ने साफ शब्दों में कहा—अगर फिल्मों और टीवी में से किसी एक को चुनना है, तो फिल्मों का रास्ता अपनाओ। मां की बात उनके लिए आदेश से कम नहीं थी। उन्होंने महाभारत को ना कह दिया और फिल्म साइन कर ली।
बीआर चोपड़ा की नाराज़गी और एक कड़वा लम्हा

जब गोविंदा ने बीआर चोपड़ा को इस निर्णय के बारे में बताया, तो निर्देशक का पारा चढ़ गया। गोविंदा बताते हैं कि चोपड़ा साहब ने गुस्से में कहा– “बाहर निकालो इसे।” इतना ही नहीं, उन्होंने उनकी मां को लेकर भी अपशब्द कहे जो गोविंदा के दिल को चीर गए। यह उनके लिए एक कड़वा लम्हा था, लेकिन उन्होंने मां का सम्मान बनाए रखते हुए चुपचाप वह रास्ता अपनाया जो उन्होंने चुना था।

मां का आशीर्वाद बना उनकी ताक़त

गोविंदा आज भी गर्व से कहते हैं कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी मां का आशीर्वाद ही था जिसने उन्हें बॉलीवुड में एक अलग मुकाम दिलाया। तन-बदन भले ही कोई बड़ी हिट न रही हो, लेकिन उस फिल्म से शुरू हुआ उनका फिल्मी सफर एक के बाद एक शानदार फिल्मों तक पहुंचा और दर्शकों के दिलों में उनके लिए हमेशा के लिए जगह बना गया।