‘नट्टू काका’ की अंतिम यात्रा में शामिल हुए तारक मेहता...के कलाकार, ‘बबीताजी’ ने ऐसे किया याद

तारक मेहता उल्टा चश्मा सीरियल में नट्टू काका का किरदार निभाकर घर-घर में जगह बनाने वाले घनश्याम नायक का रविवार को कैंसर के कारण निधन हो गया। सोमवार को उन्हें अंतिम विदाई दी गई और वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में ‘गोकुलधाम’ के अधिकतर सदस्य पहुंचे। सीरियल के डायरेक्टर असित मोदी ने भारी मन के साथ नट्टू काका को अलविदा कहा। ‘जेठालाल’ दिलीप जोशी भी गम में डूबे दिखे। अंतिम संस्कार के दौरान बाघा यानि तन्मय वकेरिया भी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। बबीताजी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता, टप्पू का किरदार निभाने वाले दोनों एक्टर्स भव्य गांधी और राज अनादकत भी शोक जताने पहुंचे। 77 वर्षीय घनश्याम एक साल से गले के कैंसर से जंग लड़ रहे थे। बीमारी के चलते वे शूटिंग में भी हिस्सा नहीं ले रहे थे।


मुनमुन दत्ता ने शेयर की फोटो और लिखा लंबा-चौड़ा नोट

तारक मेहता का उल्टा शो में बबीताजी का किरदार निभा रहीं एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता ने ‘नट्टू काका’ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुनमुन ने इंस्टाग्राम पर उनकी कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘पहली तस्वीर तब की है, जब मैं उनसे आखिरी बार मिली थी। विपरीत परिस्थितियों में उनकी लड़ाई की भावना और प्रेरणादायक शब्द मुझे सबसे ज्यादा याद हैं। कीमो से उबरने के बाद उनका उच्चारण बिल्कुल स्पष्ट है, ये दिखाने के लिए उन्होंने हमें संस्कृत के 2 श्लोक सुनाए थे और हमने सेट पर उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया था। हमारे सेट, हमारी यूनिट और हमारी टीम के बारे में कहने के लिए उनके पास हमेशा सबसे अच्छी बातें होती थीं। यह उनका दूसरा 'होम' था। वे मुझे प्यार से 'डीकरी' कहकर बुलाते थे और मुझे अपनी बेटी मानते थे। उन्होंने हम सभी के साथ इतनी हंसी साझा की।

मुझे याद है कि वे बचपन के संघर्ष की कहानियों को साझा करते थे। वे जीवनभर एक प्रसिद्ध कलाकार रहे हैं। मैं उन्हें बिल्कुल वास्तविक और बोलते समय बेहद क्यूट लगने वाले व्यक्ति के रूप में याद रखूंगी। पिछले साल उनकी बिगड़ती सेहत के कारण उनके लिए काफी मुश्किल भरा रहा। इसके बावजूद वे काम करते रहना चाहते थे और हमेशा सकारात्मक रहना चाहते थे। आपके बारे में लिखने के लिए बहुत सारी यादें, बहुत सारी बेहतरीन चीजें हैं। पिछले 13 वर्षों से आपको जानकर धन्य हूं काका। आप हमेशा मेरे और कई लोगों के द्वारा याद किए जाएंगे, जिनके जीवन को आपने एक कलाकार के रूप में चुना है। मुझे आशा है कि आप अब एक बेहतर जगह पर हैं। आपकी वजह से आज स्वर्ग उज्जवल है।'


कभी 3 रुपए के लिए 24 घंटे काम करते थे घनश्याम नायक

घनश्याम ने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1960 में आई फिल्म ‘मासूम’ से की। उन्होंने ‘बेटा’, ‘लाडला’, ‘क्रांतिवीर’, ‘बरसात’, ‘घातक’, ‘चाइना गेट’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘लज्जा’, ‘तेरे नाम’, ‘खाकी’ और ‘चोरी चोरी’ जैसी कई फिल्में में छोटी छोटी भूमिकाएं निभाई थीं। ‘हम दिल दे चुके सनम’ फिल्म में वे विट्ठल काका बने थे। सलमान खान उन्हें ‘विट्ठल काका’ के नाम से ही बुलाते थे और उन्हें बहुत मानते थे। ‘नट्टू काका’ ने खिचड़ी, एक महल हो सपनों का, दिल मिल गए, सारथी, साराभाई वर्सेज साराभाई जैसे सीरियल्स में भी काम किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि एक समय ऐसा भी था जब वे 3 रुपए के लिए 24 घंटे काम किया करते थे। पैसों की तंगी की वजह से उन्हें बच्चों की फीस के लिए आस-पड़ोस में हाथ भी फैलाने पड़ते थे।