शांत हुई ‘ठाकुर’ की आवाज! मिमिक्री आर्टिस्ट माधव मोघे का निधन, संजीव कुमार की नकल से पाई शौहरत

एक्टिंग की दुनिया से एक और दुखद खबर सामने आई है। अभिनेता और एक बेहतरीन मिमिक्री आर्टिस्ट के तौर पर पहचान रखने वाले 68 वर्षीय माधव मोघे का आज कैंसर की बीमारी के चलते मुंबई में निधन हो गया। मोघे ने 'दामिनी', 'घातक', 'विनाशक', 'पार्टनर', 'मैंने प्यार क्यों किया' जैसी कई फिल्मों में काम किया था। उन्हें दिग्गज अभिनेता रहे दिवंगत संजीव कुमार की मिमिक्री के लिए जाना जाता था। उन्होंने कई कॉमेडी शो और देश-विदेश में स्टेज शो में संजीव कुमार के अंदाज और आवाज की नकल उतारकर खूब तारीफ बटोरी थी। उन्होंने 'एमटीवी फुल्ली फालतू' में 'शोले' के ठाकुर का किरदार निभाया था। संजीव कुमार के अलावा वे अभिनेता उत्पल दत्त और राजकुमार की मिमिक्री भी बखूबी करते थे।


21 जून को मोघे की पत्नी ने भी दुनिया को कह दिया था अलविदा

मोघे एक बहुत अच्छे होस्ट भी थे। उन्होंने नामी-गिरामी गायक-गायिकाओं और कलाकारों के साथ सालों तक देश-विदेश में स्टेज शो को होस्ट भी किया। हिंदी और मराठी फिल्मों में काम करने के साथ कई टीवी शो में दिखे। उल्लेखनीय है कि 21 जून को मोघे की पत्नी ने भी किडनी से जुड़ी समस्याओं की वजह से दम तोड़ दिया था। मोघे की बेटी प्राची ने बताया कि मां की मौत के बाद पिताजी काफी बीमार से रहने लगे थे। जब पिताजी को इलाज के लिए बॉम्बे अस्पताल में दाखिल कराया गया तो उन्हें फेफड़ों में कैंसर होने का पता चला। कैंसर अंतिम स्टेज में था। मैं कल ही उन्हें घर वापस लेकर आई थी और आज सुबह 6 बजे उनकी मौत हो गई।


सुदेश भोंसले मानते थे अपना गुरु, कहा…

मशहूर गायक और मिमिक्री आर्टिस्ट सुदेश भोंसले ने माधव मोघे के साथ कई स्टेज शो में काम किया था। उन्होंने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मै उन्हें अपना गुरु मानता था। मैंने उनसे कॉमेडी करने का अंदाज, एंकरिंग, कम्पेरिंग करना सीखा। मैंने उनसे यह भी जाना कि अगर चलते शो के बीच दर्शकों का बर्ताव सही न हो तो उनसे कैसे डील करना चाहिए। वे बेहद अच्छे इंसान थे और पिछले डेढ़ साल से कोरोना और लॉकडाउन से पैदा हुए हालात से बहुत परेशान थे।