फिल्म निर्देशक, लेखक और अभिनेता अनुराग कश्यप लंबे समय से भारतीय सिनेमा का जाना-पहचाना नाम हैं। अपने अलग अंदाज की फिल्मों के लिए मशहूर अनुराग ने हाल ही में अपनी सेहत से जुड़े एक कठिन दौर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि उनका शरीर पूरी तरह जवाब दे रहा है। लगातार बढ़ते वजन, हार्ट अटैक और बार-बार आने वाले अस्थमा अटैक ने उनकी जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। हैरानी की बात यह थी कि नियमित व्यायाम करने के बावजूद उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में अनुराग ने बताया कि इन चुनौतियों से उबरने के बाद उन्होंने करीब 27 किलो वजन कम किया और अपनी जीवनशैली में बड़ा बदलाव लाया।
हार्ट अटैक के बाद महसूस हुआ कि अब बदलाव जरूरी हैपेमा वेलनेस रिट्रीट को दिए इंटरव्यू में अनुराग कश्यप ने कहा कि एक वक्त ऐसा आया जब उन्हें यह एहसास हुआ कि अब अपनी सेहत को गंभीरता से लेना ही होगा। उन्होंने बताया कि उनका वजन तेजी से बढ़ रहा था, बाल लगातार झड़ रहे थे और सफेद भी होने लगे थे। इसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा, साथ ही कई बार अस्थमा के गंभीर अटैक भी आए।
उन्होंने कहा कि अस्थमा के इलाज के दौरान उन्हें स्टेरॉयड दवाइयां लेनी पड़ रही थीं, जिसका असर उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा। अनुराग के मुताबिक, उस दौर में वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे और उन्हें लगने लगा था कि सब कुछ नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।
कई तरीके अपनाए, लेकिन शुरुआत में नहीं मिला कोई फायदाअनुराग ने बताया कि उन्होंने वजन कम करने और स्वास्थ्य सुधारने के लिए कई तरह के प्रयास किए। उन्होंने डी-एडिक्शन प्रोग्राम का भी सहारा लिया, लेकिन उससे कोई खास लाभ नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर जाकर कई तरह के उपचार और सलाह भी लीं, लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की थी कि वह पहले जैसा ही रूटीन फॉलो कर रहे थे, नियमित एक्सरसाइज भी कर रहे थे, फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा था। इसके साथ ही बाल झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या भी तेजी से बढ़ रही थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शरीर में ये बदलाव क्यों हो रहे हैं।
11 दिन की लिक्विड डाइट और योग से मिली नई शुरुआतअनुराग कश्यप ने बताया कि आखिरकार उन्हें एक होलिस्टिक वेलनेस अप्रोच से फायदा मिला। इस कार्यक्रम के तहत उन्हें लगातार 11 दिनों तक केवल लिक्विड डाइट पर रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस अनुशासित प्रक्रिया के बाद उनके शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगे और धीरे-धीरे उन्होंने कुल 27 किलो वजन कम कर लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि वेलनेस सेंटर के योग प्रशिक्षक ने उन्हें प्राणायाम और श्वास संबंधी अभ्यास सिखाए, जिनसे उन्हें मानसिक शांति मिली और तनाव को बेहतर तरीके से संभालना आया। अनुराग का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग केवल काम, भोजन और नींद तक सीमित हो जाते हैं, जबकि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अलग से समय निकालना भी उतना ही जरूरी है।
हार्ट अटैक के बाद क्यों बढ़ सकता है वजन?हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद शरीर को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव से गुजरना पड़ता है। रिकवरी के दौरान कई मरीजों में गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे वजन बढ़ने की संभावना रहती है। इसके अलावा अस्थमा जैसी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली स्टेरॉयड दवाइयों का भी वजन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि स्टेरॉयड के कारण शरीर में पानी रुकने लगता है, भूख बढ़ सकती है और मेटाबॉलिज्म में बदलाव आ सकते हैं। इन कारणों से वजन तेजी से बढ़ने की समस्या देखने को मिलती है। हालांकि हर मरीज में इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है और उपचार हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली में बदलाव है जरूरीअनुराग कश्यप के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित जीवनशैली भी बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना जरूरी है।
सिर्फ काम करना, भोजन करना और सो जाना स्वस्थ जीवन की गारंटी नहीं है। यदि शरीर को पर्याप्त सक्रियता नहीं मिले तो मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना लंबे समय तक स्वस्थ रहने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।