बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी अब अपने करियर की नई शुरुआत करने जा रही हैं। हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब वह हॉलीवुड की दुनिया में भी एंट्री करने के लिए तैयार हैं। हाल ही में फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में नजर आईं दिशा अब ऑस्कर विजेता निर्देशक केविन स्पेसी की आगामी फिल्म 'होलीगार्ड्स सागा: द पोर्टल ऑफ फोर्स' के जरिए हॉलीवुड में डेब्यू करेंगी। इस फिल्म को लेकर अभिनेत्री काफी उत्साहित हैं। हाल ही में उन्होंने अपने हॉलीवुड सफर, ऑडिशन प्रक्रिया और केविन स्पेसी के साथ काम करने के अनुभव पर विस्तार से बात की।
हॉलीवुड डेब्यू को लेकर साझा किए अनुभवप्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, अली फजल और तब्बू जैसे भारतीय सितारों के बाद अब दिशा पाटनी भी अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही हैं। वह सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'होलीगार्ड्स सागा: द पोर्टल ऑफ फोर्स' में अहम भूमिका निभाएंगी। बातचीत के दौरान दिशा ने बताया कि हॉलीवुड में काम पाने की प्रक्रिया भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से काफी अलग होती है। उनके अनुसार, वहां किसी भी कलाकार के लिए ऑडिशन सबसे अहम चरण होता है और उसी के आधार पर कलाकारों का चयन किया जाता है।
दिशा ने कहा कि यदि कोई कलाकार अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना चाहता है तो उसे ऑडिशन देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका मानना है कि केवल भारत में रहकर ग्लोबल सिनेमा में अवसर मिलने की उम्मीद करना आसान नहीं है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करना और वहां की कार्यशैली को समझना भी बेहद जरूरी होता है।
केविन स्पेसी की तारीफ में कही ये बातेंएक इंटरव्यू के दौरान दिशा पाटनी ने अपनी फिल्म के निर्देशक केविन स्पेसी के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि केविन न सिर्फ एक बेहतरीन निर्देशक हैं, बल्कि एक शानदार अभिनेता भी हैं। यही वजह है कि वह कलाकारों की सोच और उनके अभिनय की प्रक्रिया को गहराई से समझते हैं।
दिशा के मुताबिक, केविन स्पेसी कलाकारों को अपने किरदार के साथ प्रयोग करने की पूरी स्वतंत्रता देते हैं। शूटिंग के दौरान वह अक्सर कलाकारों से कहते थे कि अपने व्यक्तिगत अनुभवों को अभिनय में शामिल करें और खुद से सवाल पूछें कि यदि वे उसी परिस्थिति में होते तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होती। वह कलाकारों को किरदार की भावनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे, जिससे अभिनय और अधिक स्वाभाविक बन सके।
उन्होंने बताया कि हर सुबह शूटिंग शुरू होने से पहले केविन पूरी टीम के साथ बैठकर सीन पर विस्तार से चर्चा करते थे। वह हर कलाकार को उसके किरदार की बारीकियां समझाते थे और सभी के सुझाव भी सुनते थे। दिशा ने कहा कि निर्देशक का यह तरीका उन्हें बेहद खास और प्रेरणादायक लगा।
ग्लोबल प्रोजेक्ट्स के लिए ऑडिशन है सबसे अहमदिशा पाटनी ने अपने हॉलीवुड डेब्यू की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में ऑडिशन सिस्टम बेहद मजबूत है और लगभग हर कलाकार को किसी भी भूमिका के लिए ऑडिशन देना पड़ता है। हालांकि कई बार फिल्म निर्माता किसी कलाकार का पिछला काम देखकर भी उसे सीधे ऑडिशन या प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दे सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद चयन की प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में काम करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि वीजा, यात्रा और अन्य लॉजिस्टिक तैयारियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कलाकार को वहां शारीरिक रूप से मौजूद रहना पड़ता है, ताकि वह ऑडिशन और शूटिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
भारत में रहकर ग्लोबल करियर बनाना आसान नहींदिशा का मानना है कि विदेशों में काम करने के इच्छुक कलाकारों को सिर्फ ऑनलाइन ऑडिशन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई कलाकार वास्तव में अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी जगह बनाना चाहता है, तो उसे वहां जाकर काम करने का माहौल समझना चाहिए, लोगों से जुड़ना चाहिए और इंडस्ट्री के तौर-तरीकों को सीखना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी देश की फिल्म इंडस्ट्री में सफल होने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि वहां की कार्यसंस्कृति को करीब से समझा जाए और उसी के अनुरूप खुद को तैयार किया जाए। इसी सोच के साथ दिशा पाटनी अब अपने हॉलीवुड सफर की नई शुरुआत करने जा रही हैं, जिसे लेकर उनके प्रशंसकों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।