मुंबई। 'बॉर्डर 2' की शानदार सफलता के बाद अब निर्माता निधि दत्ता और जेपी फिल्म्स अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी में जुट गए हैं। प्रोडक्शन हाउस ने आने वाले समय के लिए कई महत्वाकांक्षी फिल्मों की रूपरेखा तैयार की है। इन्हीं में सबसे अधिक चर्चा 'बॉर्डर 3' को लेकर हो रही है। इस बार फिल्म केवल युद्ध पर आधारित नहीं होगी, बल्कि भारतीय सेना के महान योद्धा लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह के जीवन और उनके सैन्य योगदान को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि 'बॉर्डर 3' एक वॉर बायोपिक होगी, जिसमें 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जनरल हरबख्श सिंह के साहस, नेतृत्व और रणनीतिक कौशल को केंद्र में रखा जाएगा।
जेपी फिल्म्स की तैयारी, कई बड़े प्रोजेक्ट होंगे लॉन्चनिधि दत्ता केवल 'बॉर्डर 3' तक ही सीमित नहीं रहना चाहतीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेपी फिल्म्स आने वाले समय में एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा। इनमें ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि पर आधारित भारतीय वायुसेना की कहानी, भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं से प्रेरित एक ट्रेजर हंट एडवेंचर फिल्म तथा दिग्गज फिल्मकार ओ.पी. दत्ता के जीवन पर आधारित एक विस्तृत वेब सीरीज भी शामिल है।
हालांकि इन सभी योजनाओं के बीच सबसे अधिक उत्सुकता 'बॉर्डर 3' को लेकर है, क्योंकि यह फिल्म भारतीय सैन्य इतिहास के एक ऐसे नायक की कहानी दर्शकों तक पहुंचाएगी, जिनके योगदान को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
कौन थे जनरल हरबख्श सिंह?लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह, जिन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था, भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारियों में गिने जाते हैं। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने वेस्टर्न कमांड के कमांडर के रूप में भारतीय सेना का नेतृत्व किया और कई अहम सैन्य अभियानों में निर्णायक भूमिका निभाई।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और युद्धकालीन नेतृत्व को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1966 में उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1913 को हुआ था, जबकि 14 नवंबर 1999 को उनका निधन हो गया।
'पंजाब के रक्षक' के नाम से मिली पहचानजनरल हरबख्श सिंह को अक्सर 'पंजाब का रक्षक' कहा जाता है। युद्ध के दौरान उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों में असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया। उन्हें विशेष रूप से उस फैसले के लिए याद किया जाता है, जब उन्होंने पीछे हटने की सलाह को स्वीकार नहीं किया और इसके बजाय जवाबी कार्रवाई का निर्णय लिया।
उनकी इस रणनीति ने अमृतसर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पाकिस्तानी सेना की प्रगति को रोकने में भारतीय सेना को बड़ी सफलता दिलाई। उनके साहस और दृढ़ निश्चय ने उन्हें भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे सम्मानित अधिकारियों में शामिल कर दिया।
'बॉर्डर 3' की स्टारकास्ट को लेकर बढ़ी उत्सुकताफिलहाल फिल्म की आधिकारिक स्टारकास्ट का खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि, पिछली दो फिल्मों की लोकप्रियता को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सनी देओल एक बार फिर इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बन सकते हैं।
साल 1997 में रिलीज हुई 'बॉर्डर' मल्टीस्टारर फिल्म थी, जिसने भारतीय सिनेमा में युद्ध आधारित फिल्मों की नई पहचान बनाई। इसके बाद आई 'बॉर्डर 2' को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और फिल्म की सफलता में सनी देओल की दमदार मौजूदगी को अहम माना गया।
अब 'बॉर्डर 3' से भी दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। यदि सनी देओल इस फिल्म से जुड़ते हैं, तो एक बार फिर बड़े पर्दे पर उनका दमदार देशभक्ति वाला अंदाज देखने को मिल सकता है। वहीं, जनरल हरबख्श सिंह की प्रेरणादायक कहानी फिल्म को पहले से कहीं अधिक भावनात्मक और ऐतिहासिक आयाम देने वाली साबित हो सकती है।