मशहूर गायक और संगीतकार बप्‍पी लाहिड़ी का 69 की उम्र में निधन, मुंबई के अस्‍पताल में ली अंतिम सांस

बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर बप्‍पी लाहिड़ी का मंगलवार रात 11 बजे निधन हो गया है। 69 वर्षीय बप्पी लाह‍िड़ी ने मुंबई के जुहू स्थित क्रिटी केयर अस्पताल में अपनी अंत‍िम सांसे लीं। बताया जा रहा है कि उन्हें तबीयत खराब होने के बाद मंगलवार को ही भर्ती किया गया था। बप्पी लाह‍िड़ी पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्हें पिछले साल से ही अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा था। गत वर्ष जब सिंगर कोविड पॉजिटिव आए थे, तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। म्यूजिक इंडस्ट्री में बप्पी लहरी को डिस्को किंग कहा जाता था। उनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी था। उन्होंने 70-80 के दशक में बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक आइकॉन‍िक गाने दिए हैं। मिथुन चक्रवर्ती का गाना आई एम ए डिस्को डांसर आज भी लोगों को जुबानी याद है। वो बप्पी दा ही थे जिनकी आवाज ने इस गाने को घर-घर पॉपुलर किया था। बप्‍पी लाहिड़ी म्यूजिक के साथ-साथ सोना पहनने के अंदाज को लेकर भी जाने जाते थे।
बप्पी दा के निधन पर स‍ितारे भी गमगीन हैं। अजय देवगन ने बप्पी दा को श्रद्धांजल‍ि देते हुए लिखा 'बप्पी दा बहुत ही प्यारे इंसान थे। पर उनके संगीत में एक धार थी। उन्होंने चलते चलते, सुरक्षा और डिस्को डांसर जैसे हिंदी फिल्म के म्यूज‍िक में एक अलग ही कंटेपररी स्टाइल को इंट्रोड्यूस किया। शांत‍ि दादा, आप बहुत याद आएंगे।' क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी बप्पी दा को श्रद्धांजल‍ि दी है।

बप्पी का करियर

बप्पी का जन्म 27 नवंबर 1952 को कोलकत्ता में हुआ था। उन्होंने अपने अलग अंदाज की वजह से फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई थी। बप्पी का इंडस्ट्री में 48 साल का करियर था। उन्होंने अपने करियर में तकरीबन 5000 गाने कंपोज किए। इसमें उन्होंने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, मराठी, पंजाबी, उड़िया, भोजपुरी, आसमी भाषाओं के साथ-साथ बांग्लादेश की फिल्मों और अंग्रेजी गानों को भी कंपोज किया था।म्यूज‍िक लेजेंड बप्पी लाह‍िड़ी ने 1973 में हिंदी फिल्म 'नन्हा श‍िकारी' में अपना पहला म्यूज‍िक स्कोर द‍िया था। हालांक‍ि बीते साल उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि किशोर कुमार की फिल्म बढ़ती का नाम दाढ़ी से उन्होंने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।

बप्‍पी लहरी ने राजनीति में भी किस्‍मत आजमाई थी। उन्‍होंने 2014 में बीजेपी ज्‍वाइन की थी। उन्‍हें 2014 के आम चुनाव में पश्चिम बंगाल की श्रेरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया था। हालांकि वह चुनाव जीत नहीं पाए थे।