बॉबी डार्लिंग की एक बेहद भावुक कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कितनी कड़वी सच्चाई छिपी होती है। बॉबी डार्लिंग, जिनके चर्चित किरदार आपने ताल, पेज 3, स्टाइल और क्या कूल हैं हम जैसी फिल्मों में देखे होंगे, लंबे वक्त से काम की तलाश में भटक रही हैं। हर दरवाजे पर दस्तक देने के बाद भी उन्हें सिर्फ मायूसी ही मिली है।
हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने अपने संघर्षों को लेकर खुलकर बात की और कॉमेडियन कपिल शर्मा के प्रति अपनी नाराजगी जताई। बॉबी ने कहा कि “कपिल के शो में लोग मेरे गेटअप में हँसी बिखेर रहे हैं, जबकि मैं खुद बेरोजगार बैठी हूं।” इस बयान के पीछे की पीड़ा साफ झलकती है — एक कलाकार जिसे कभी इंडस्ट्री में पहचान मिली थी, आज उसी की परछाईं पर दूसरे लोग कमाई कर रहे हैं।
“मेरे गेटअप में कमा रहे हैं लोग... और मैं मायूस बैठी हूं”बॉबी डार्लिंग सिद्धार्थ कन्नन के शो में बतौर गेस्ट पहुंचीं थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, बहुत से एक्टर्स जो मेरे साथ स्ट्रगल करते थे, आज कपिल के शो में मेरे गेटअप में बैठकर लोगों को हंसा रहे हैं। उन्होंने दर्द भरे लहजे में कहा कि उनका किचन मेरे पेट पर लात मारकर चल रहा है। जो कभी बॉबी की पहचान थी, आज वही दूसरों की आजीविका बन गया है — और बॉबी हाशिए पर चली गई हैं।
“पैर पड़ती हूं, छोटा रोल ही दे दो, लेकिन...”अपनी तकलीफें साझा करते हुए बॉबी डार्लिंग ने कहा, मैंने कपिल शर्मा को कई बार अप्रोच किया।उन्होंने बताया कि जब कपिल खुद इंडस्ट्री में नया था, तब बॉबी का नाम लेकर जोक्स मारा करता था।* बॉबी ने भावुक होकर कहा, मैंने कपिल को मैसेज किया कि पैर पड़ती हूं, छोटा सा रोल दे दो, कृष्णा जैसा बड़ा रोल भी नहीं चाहिए। यह पंक्ति दर्शाती है कि एक कलाकार कितनी बेबसी और लाचारी से काम की भीख मांग रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि मैंने एकता कपूर से भी काम मांगा, सलमान और कलर्स के प्रोड्यूसर्स से भी मदद मांगी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
“डिप्रेशन में गई, सुसाइड का ख्याल आया, चार साल बाद लौटी हूं...”
बॉबी ने अपने डिप्रेशन की भी बात की और बताया कि कैसे काम न होने की वजह से उन्हें आत्महत्या तक के विचार आए। डर के कारण उन्होंने मुंबई छोड़ दी और अब चार साल बाद वापसी की है। मैं अब फिर से काम मांग रही हूं, उन्होंने कहा, मुंबई में रहकर अगर काम नहीं किया तो क्या किया?
बॉबी डार्लिंग की ये कहानी सिर्फ ग्लैमर की दुनिया में नहीं बल्कि आम ज़िंदगी में भी कई संघर्ष कर रहे लोगों को अंदर से झकझोर देती है।