'अनुपमा' के वनराज ने झेला मानसिक तूफान: सुधांशु पांडे बोले – 'कुछ सीन ने अंदर तक हिला दिया, दवाइयां तक लेनी पड़ी'

टीवी के सबसे पॉपुलर और चर्चित शोज़ में से एक ‘अनुपमा’ में वनराज शाह का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता सुधांशु पांडे को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। अपने दमदार अभिनय और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस से उन्होंने लाखों दिलों में जगह बनाई। सुधांशु एक सफल मॉडल, म्यूजिशियन और एक्टर होने के साथ-साथ हिंदी और साउथ की कई फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। लेकिन असली पहचान उन्हें वनराज बनकर ही मिली। हालांकि, अब वो इस शो का हिस्सा नहीं हैं।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधांशु पांडे ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 'अनुपमा' के सेट पर कुछ पल ऐसे आए, जब वे मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद टूट गए थे। उन भावनात्मक लम्हों का असर इतना गहरा था कि उन्हें दवाइयों का सहारा तक लेना पड़ा।

मुश्किल दौर से बाहर निकलने की जद्दोजहद

बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में सुधांशु ने बेहद ईमानदारी से अपने संघर्ष साझा किए। उन्होंने कहा, “कभी-कभी बहुत मुश्किल होता है उस फेज से बाहर निकलना। मैं खुद इससे गुज़रा हूं। कुछ ऐसे मोड़ आए जब मुझे नॉर्मल होने में समय लगा। कई बार कुछ दिन भी लग जाते थे।”

उनके शब्दों में वो तड़प और थकान झलक रही थी जो एक कलाकार के भीतर किरदार निभाते-निभाते कहीं न कहीं घर कर जाती है। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि हॉलीवुड में डस्टिन हॉफमैन जैसे दिग्गज कलाकार भी किरदारों के बाद रिहैब की जरूरत महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि एक एक्टर के तौर पर ये समझना जरूरी होता है कि कब ब्रेक लेना है और खुद को संभालना है।
कुछ सीन इतने भारी पड़े कि दवाइयां लेनी पड़ीं

इंटरव्यू में आगे बढ़ते हुए सुधांशु ने कहा, “मैं संतुलित इंसान हूं, इसलिए मुझे पता है कब वापस आना है। लेकिन असर तो होता ही है। 'अनुपमा' में भी कुछ सीन ऐसे थे, जिन्होंने मुझे अंदर तक हिला दिया। मैं उस किरदार में इतनी गहराई तक उतर गया था कि कई बार दवाइयां लेनी पड़ीं।”

यह बयान यह दर्शाता है कि सुधांशु सिर्फ एक स्क्रीन फेस नहीं, बल्कि एक संजीदा कलाकार हैं जो अपने हर रोल में जान फूंकते हैं। उन्होंने आगे कहा, “मुझे फर्क नहीं पड़ता टीवी है या ओटीटी, मैं हर किरदार को 100% देता हूं।”

अब करना चाहते हैं कुछ नया, कुछ ताज़ा

लगभग चार साल तक 'अनुपमा' का हिस्सा रहे सुधांशु पांडे ने यह भी कहा कि वो इस शो के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने दिल से माना कि यह शो उनके करियर का एक अहम हिस्सा बना। एक्टर ने कहा कि अनुपमा ने हम सबको बहुत कुछ दिया। मैं कभी नहीं कहूंगा कि मुझे ये शो नहीं करना था। लेकिन चार साल तक एक ही किरदार निभाने के बाद अब मैं थक गया हूं। अब उनका फोकस ऐसे किरदारों पर है जो सीमित समय के लिए हों, ताकि वो बार-बार खुद को नए रूप में तलाश सकें। एक्टर ने कहा कि अब मैं ऐसे रोल करना चाहता हूं जो 2-3 महीने में पूरे हो जाएं, और फिर किसी नए किरदार की ओर बढ़ूं। मैं एक ही किरदार में बंधकर नहीं रहना चाहता।