गुजरात के जामनगर शहर का प्रतिष्ठित अम्बर सिनेमा 27 जून 2025 को हमेशा के लिए बंद हो गया। यह न केवल शहर का सबसे पुराना सिनेमाघर था, बल्कि एक ऐतिहासिक स्थल भी था, जहां सिनेमा से जुड़े कई बड़े और विवादास्पद क्षणों को देखा गया। 1972 में शुरू हुआ यह सिंगल स्क्रीन थिएटर उस दौर का हिस्सा था, जब फिल्में बड़े पर्दे पर बड़े जुनून के साथ देखी जाती थीं। अब इसके बंद होने के साथ ही जामनगर में एकल पर्दे (सिंगल स्क्रीन) संस्कृति का पूर्णतः समापन हो गया है।
'राजा जानी' से हुई शुरुआत, 50 वर्षों की विरासतअम्बर सिनेमा की शुरुआत 1972 में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की फिल्म राजा जानी से हुई थी। देखते ही देखते यह थिएटर जामनगर के फिल्म प्रेमियों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया। दशकों तक यहां हर शुक्रवार को नए पोस्टर और भीड़ लगा करती थी। लेकिन आधुनिक मल्टीप्लेक्स के दौर में सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के लिए खुद को टिकाए रखना मुश्किल होता चला गया। अंततः, 27 जून 2025 को अम्बर सिनेमा ने संचालन बंद करने की घोषणा करते हुए बोर्ड लगाया—“थिएटर आज से बंद रहेगा”।
फना विवाद: जब अम्बर अकेला खड़ा था2006 में अम्बर सिनेमा राष्ट्रीय सुर्खियों में तब आया जब इसने आमिर खान और काजोल की फिल्म फना को गुजरात में दिखाने का निर्णय लिया। आमिर खान ने नर्मदा बचाओ आंदोलन का समर्थन किया था, जिससे राज्य में भारी विरोध हुआ और फना पर गुजरात भर में प्रतिबंध लग गया। थिएटरों ने डर के कारण फिल्म नहीं दिखाई, लेकिन अम्बर सिनेमा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस सुरक्षा के साथ फिल्म प्रदर्शित करने का साहस किया।
6 जून को जब फिल्म रिलीज़ हुई, तो पहले दिन 30% ऑक्यूपेंसी ही रही, लेकिन जैसे-जैसे लोगों को सुरक्षा का भरोसा हुआ, थिएटर हाउसफुल हो गया। लोग जामनगर से बाहर से भी फिल्म देखने आने लगे। लेकिन 11 जून को एक व्यक्ति ने थिएटर के वॉशरूम में खुद को आग लगा ली, जिससे माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया और 12 जून को थिएटर ने फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी। तब तक लगभग 13,000 दर्शक फिल्म देख चुके थे। दुर्भाग्यवश, आत्मदाह करने वाला व्यक्ति प्रवीण जोशी बाद में अस्पताल में दम तोड़ गया।
राधे के साथ महामारी काल में भी जलाई उम्मीद की लौ
2021 में जब कोविड की दूसरी लहर के कारण सिनेमाघर बंद थे, तब सलमान खान की फिल्म राधे: योर मोस्ट वॉन्टेड भाई OTT पर रिलीज हुई थी। लेकिन जब 27 जून को गुजरात सरकार ने सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की अनुमति दी, तो अम्बर सिनेमा तीन में से एक थिएटर था जिसने राधे को दिखाया। हालांकि फिल्म को समीक्षकों से औसत प्रतिक्रिया मिली थी और यह OTT पर उपलब्ध थी, फिर भी थिएटर में प्रतिदिन 20 से 90 तक दर्शक पहुंचे। यह फिल्म लगभग 20 दिनों तक चली।
जामनगर में सिंगल स्क्रीन संस्कृति का अंतअम्बर के बंद होने के साथ ही अब जामनगर में एक भी सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर नहीं बचा है। कभी यह शहर दीपक, अनुपम, जयश्री, गैलेक्सी जैसे सात थिएटरों का गढ़ हुआ करता था। अब शहर में केवल तीन मल्टीप्लेक्स ही ऑपरेशनल हैं—INOX क्रिस्टल मॉल, मेहुल सिनेमा और PVR उत्सव JCR एंटरटेनमेंट, जिनमें से आखिरी शहर के बाहरी इलाके में स्थित है और उसमें ड्राइव-इन थिएटर भी है।
स्मृतियों में जीवित रहेगा अम्बरअम्बर सिनेमा का बंद होना केवल एक थिएटर का बंद होना नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की यादों, एक संस्कृति, और सिनेमा को सामूहिक रूप से देखने की परंपरा का अंत है। फना और राधे जैसे साहसिक निर्णयों से अम्बर ने हमेशा भीड़ से हटकर रास्ता चुना। यह सिनेमा हाल अब हमारे दिलों और इतिहास की पंक्तियों में जीवित रहेगा।