फिटकरी से दांतों का पीलापन कैसे कम करें? जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

दांतों पर जमा पीली परत, प्लाक, मुंह की दुर्गंध और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं आजकल काफी आम हो गई हैं। ऐसे में कई लोग घरेलू उपायों की तलाश करते हैं जो बिना ज्यादा खर्च के दांतों को साफ और स्वस्थ रखने में मदद कर सकें। इन्हीं घरेलू उपायों में फिटकरी का नाम भी शामिल है। लंबे समय से फिटकरी का उपयोग मुंह और दांतों की साफ-सफाई के लिए किया जाता रहा है। माना जाता है कि इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को कम करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि दांतों की सफाई में फिटकरी किस तरह उपयोगी हो सकती है और इसका इस्तेमाल कैसे किया जाना चाहिए।

दांतों के लिए क्यों फायदेमंद मानी जाती है फिटकरी?

फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो मुंह में मौजूद कई प्रकार के बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यही बैक्टीरिया अक्सर प्लाक, सांसों की बदबू और दांतों की अन्य समस्याओं की वजह बनते हैं।

फिटकरी का इस्तेमाल दांतों पर जमा गंदगी को हटाने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मसूड़ों की सूजन और हल्के दांत दर्द से राहत दिलाने में भी मदद कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि फिटकरी प्लाक को कम करने और मौखिक स्वच्छता बनाए रखने में सहायक भूमिका निभा सकती है। हालांकि इसका उपयोग सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना जरूरी है।
दांतों की सफाई के लिए फिटकरी का इस्तेमाल कैसे करें?

फिटकरी वाले पानी से कुल्ला करें


यदि दांतों में पीलापन, हल्की सड़न, मुंह की बदबू या मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं हैं, तो फिटकरी के पानी से कुल्ला करना लाभकारी माना जाता है। इसके लिए गुनगुने पानी में थोड़ी-सी फिटकरी घोल लें। चाहें तो इसमें लौंग का उपयोग भी किया जा सकता है।

इस पानी से सप्ताह में दो से तीन बार कुल्ला किया जा सकता है। हालांकि इसका रोजाना इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक उपयोग दांतों की ऊपरी सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचा सकता है।

मंजन की तरह करें उपयोग

फिटकरी का इस्तेमाल घरेलू मंजन के रूप में भी किया जाता है। इसके लिए पहले फिटकरी को हल्का गर्म या भून लें ताकि उसमें मौजूद नमी पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद इसे ठंडा करके बारीक पीस लें।

अब इस पाउडर की बहुत थोड़ी मात्रा टूथब्रश पर लें और हल्के हाथों से लगभग दो मिनट तक दांतों पर लगाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा दबाव डालकर रगड़ने से दांतों की सतह को नुकसान पहुंच सकता है।

फिटकरी, नमक और लौंग के तेल का मिश्रण

दांतों की सफाई के लिए फिटकरी को सेंधा नमक और लौंग के तेल के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जाता है। आधा चम्मच लौंग के तेल में थोड़ा-सा फिटकरी पाउडर और सेंधा नमक मिलाएं।

इसके बाद इस मिश्रण को दांतों पर हल्के हाथों से लगाकर साफ करें। माना जाता है कि इससे दांतों पर जमा टार्टर और गंदगी को हटाने में मदद मिल सकती है तथा मुंह को लंबे समय तक ताजगी का एहसास होता है।

फिटकरी इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

दांतों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित ओरल हाइजीन भी उतनी ही जरूरी है।

रोज सुबह और रात में कम से कम दो बार ब्रश करें। दांतों के साथ-साथ जीभ की सफाई भी जरूर करें, क्योंकि बैक्टीरिया का बड़ा हिस्सा जीभ पर भी जमा होता है। हर बार कम से कम दो मिनट तक ब्रश करने की आदत डालें।

ब्रश करते समय हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें और बहुत ज्यादा दबाव डालकर ब्रश न करें। यदि दांतों में लगातार दर्द, संवेदनशीलता, खून आना या ज्यादा पीलापन बना रहे, तो घरेलू उपायों के बजाय दंत चिकित्सक की सलाह लेना अधिक उचित रहेगा। फिटकरी सहायक उपाय हो सकती है, लेकिन इसे विशेषज्ञ उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।