दफ्तर की कुर्सी और रंग बदल सकते हैं आपका भाग्य, जानिए कौन-सा रंग और सामग्री देता है शुभ-अशुभ परिणाम

व्यवसाय या नौकरी में प्रगति की कामना हर व्यक्ति करता है, लेकिन कई बार मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती। ऐसे में वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में बताई गई कुछ छोटी-छोटी बातें बड़ा असर डाल सकती हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहलू है—दफ्तर या व्यापार स्थल पर प्रयोग की जाने वाली कुर्सी और उस पर रखा जाने वाला आसन या कुशन। दरअसल, जिस रंग और सामग्री की कुर्सी का आप उपयोग करते हैं, वह आपके कामकाज की दिशा और सफलता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकती है।

काली, भूरी और नीली कुर्सियां ला सकती हैं रुकावटें

काली कुर्सी या काले रंग का आसन आमतौर पर नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने वाला माना जाता है। ऐसे रंगों का उपयोग करने से कार्यों में रुकावटें आती हैं, निर्णयों में भ्रम की स्थिति बनती है और अनचाही समस्याएं जन्म ले सकती हैं। वहीं भूरी या गहरी नीली कुर्सियां व्यापार में अस्थिरता और अत्यधिक उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती हैं। कई बार इन रंगों के कारण व्यक्ति आर्थिक नुकसान की स्थिति में भी पहुंच सकता है।

धातु की कुर्सी से आता है कारोबार में ठहराव

यदि कोई व्यक्ति लोहे या एल्युमिनियम से बनी कुर्सी का उपयोग कर रहा है, तो यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती है। लोहे की कुर्सी कारोबार में स्थायी रूप से मंदी लाने का संकेत देती है। यह कुर्सी न केवल नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, बल्कि व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को भी सीमित करती है। वहीं एल्युमिनियम की कुर्सी अचानक नुकसान और नुकसानदेह निर्णयों का संकेत मानी जाती है। कई बार इसके कारण व्यक्ति लंबे समय तक किसी भी क्षेत्र में स्थायित्व नहीं पा पाता।

इन रंगों से बढ़ती है आय और मिलता है प्रमोशन

दूसरी ओर, यदि सही रंग और सामग्री की कुर्सी का चयन किया जाए, तो वही कुर्सी भाग्यवृद्धि का साधन बन सकती है। उदाहरण के लिए, हरे रंग की कुर्सी या हरे रंग का कुशन अत्यंत शुभ माना गया है। यह रंग प्रकृति और प्रगति का प्रतीक होता है और इसके प्रभाव से धन का आगमन बढ़ता है। व्यापार में स्थायित्व आता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।

इसी तरह, यदि व्यक्ति लाल रंग के कुशन या गद्दी का उपयोग करता है, तो वह जल्द प्रमोशन पाने के योग को बल देता है। लाल रंग ऊर्जा, नेतृत्व और निर्णय शक्ति का प्रतीक है, और इसका प्रभाव कार्यक्षमता बढ़ाने वाला होता है। जो लोग लंबे समय से करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह उपाय उपयोगी हो सकता है।

रोजगार की समस्याओं में पीले और सफेद रंग की कुर्सी का प्रभाव


पीले रंग का कुशन या गद्दी उन लोगों के लिए उत्तम है, जिन्हें रोजगार पाने में कठिनाई हो रही है। यह रंग ज्ञान, शिक्षा और आत्मविश्वास से जुड़ा होता है और इसके प्रभाव से व्यक्ति नई संभावनाओं को पहचानने में सक्षम होता है। वहीं सफेद रंग का कुशन कार्यस्थल पर उत्पन्न होने वाले तनाव, विवाद और गलतफहमियों को कम करता है। यह रंग शांति और संतुलन लाता है, जिससे वातावरण में सकारात्मकता बनी रहती है।

वास्तु के अनुसार सही चयन से बदल सकती है जीवन की दिशा


वास्तु शास्त्र में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि वातावरण का हमारे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अतः दफ्तर या व्यापार स्थल की कुर्सी केवल बैठने का साधन नहीं, बल्कि ऊर्जा संचरण का माध्यम है। यदि व्यक्ति इसके रंग और सामग्री का चयन सोच-समझकर करता है, तो वह अपनी मेहनत का पूर्ण फल पा सकता है।