वास्तु शास्त्र के अनुसार, जितना जरूरी है घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना, उतना ही आवश्यक है यह समझना कि कौन-से पौधे आपके जीवन में नकारात्मकता ला सकते हैं। कई बार हम अनजाने में ऐसे पौधे घर में लगा लेते हैं जो सौंदर्य की दृष्टि से तो आकर्षक होते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं उन पौधों के बारे में, जिन्हें घर में लगाने से पहले दो बार सोचना चाहिए।
1. इमली का पेड़: घर की सुख-शांति में रुकावटवास्तु में इमली के पेड़ को अशुभ माना गया है। यह माना जाता है कि इसके प्रभाव से घर का वातावरण भारी और उदासी से भरा हो सकता है। इसके नकारात्मक प्रभाव के चलते घर में मानसिक अशांति और कलह बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए इमली का पेड़ घर के आसपास या आंगन में न लगाएं।
2. बबूल: कांटेदार संबंधों का संकेतबबूल के पेड़ को वास्तु में कठोरता और टकराव का प्रतीक माना गया है। इसकी कांटेदार प्रकृति रिश्तों में कटुता और खटास लाने वाली मानी जाती है। इसके कारण न सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। इसलिए इस पेड़ से दूरी बनाना बेहतर होता है।
3. बेल और लताओं का गलत फैलावघर की दीवारों पर अनियंत्रित तरीके से चढ़ती हुई बेलें वास्तु के अनुसार अशुभ मानी जाती हैं। यदि ये बेलें बिना सहारे दीवारों पर फैलती हैं, तो यह घर की संरचना और ऊर्जा प्रवाह को बाधित करती हैं। यदि बेल लगानी ही हो तो उन्हें उचित सहारा देकर ही बढ़ने दें, ताकि सकारात्मक ऊर्जा बाधित न हो।
4. सूखे या मरे हुए पौधे: नकारात्मक ऊर्जा के वाहकघर में सूखे हुए या मरे हुए पौधों को रखना वास्तु की दृष्टि से बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता। इनसे घर में नकारात्मकता फैलती है और बीमारियों या मानसिक अशांति का वातावरण बनता है। ऐसे पौधे न केवल ऊर्जा को अवरुद्ध करते हैं, बल्कि सौंदर्य भी बिगाड़ते हैं। इसलिए जैसे ही कोई पौधा मुरझा जाए, उसे तुरंत हटा दें।
5. रबड़ प्लांट: सौंदर्य में छुपा असंतुलनरबड़ का पौधा देखने में आकर्षक जरूर होता है, लेकिन वास्तु विशेषज्ञ इसे घर में रखने से मना करते हैं। इसकी बड़ी और गहरी रंग की पत्तियों को ऊर्जा अवशोषक माना जाता है। कहा जाता है कि यह पौधा घर में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, जिससे घर में कलह और रिश्तों में दूरी आने की संभावना रहती है।