वर्ष 2025 का श्रावण मास (सावन) भक्ति, ज्योतिष और शुभ संयोगों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ बन गया है। 11 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाले इस माह में न केवल शिवभक्ति की प्रमुखता रहेगी, बल्कि विष्णु पूजा के भी शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस बार सावन 'हर और हरि' की संयुक्त उपासना का अद्भुत अवसर बन गया है।
29 दिनों का सावन: क्यों घटा एक दिन?इस बार सावन केवल 29 दिनों का होगा, जबकि सामान्यतः यह 30 या 31 दिन तक चलता है। इसका कारण है — कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का क्षय। इस खगोलीय घटना के चलते एक तिथि का अस्तित्व नहीं रहेगा और मास की कुल अवधि घटकर 29 दिन रह गई है। वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की वृद्धि हो रही है, जिससे यह तिथि दो दिन चलेगी।
सावन में बन रहे हैं ये अद्भुत योगइस वर्ष के सावन में कुल 7 बार सर्वार्थ सिद्धि योग और अन्य 6 प्रमुख शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
—अमृत सिद्धि योग
—बुद्धादित्य योग
—शिव योग
—धन योग
—ब्रह्म योग
—इंद्र योग
इन योगों में किए गए व्रत, दान, जप और अनुष्ठान कई गुना फल देने वाले माने जाते हैं। विशेष रूप से सिंह राशि में चंद्रमा की स्थिति के कारण धन योग का निर्माण हो रहा है, जो आर्थिक उन्नति और सफलता का सूचक माना जाता है।
सावन सोमवार: चारों व्रत में बन रहे विशेष संयोगइस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, और हर सोमवार किसी न किसी विशेष योग या नक्षत्र से युक्त रहेगा:
14 जुलाई 2025 (प्रथम सोमवार)
—आयुष्मान योग + सौभाग्य योग
—गणेश चतुर्थी व्रत भी इसी दिन
21 जुलाई 2025 (द्वितीय सोमवार)
—कामदा एकादशी भी इसी दिन
—शिव (हर) और विष्णु (हरि) की संयुक्त पूजा का दुर्लभ संयोग
28 जुलाई 2025 (तृतीय सोमवार)
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र + पारिग्रह योग
4 अगस्त 2025 (चतुर्थ सोमवार)
—सर्वार्थ सिद्धि योग + ब्रह्म योग + इंद्र योग
—अगले दिन मंगला गौरी व्रत
प्रत्येक सोमवार के अगले दिन मंगला गौरी व्रत भी मनाया जाएगा, जो विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए कल्याणकारी माना जाता है।
नाग पंचमी पर शिव योगश्रावण शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली नाग पंचमी इस वर्ष शिव योग में पड़ेगी। ऐसी मान्यता है कि इस योग में नाग पूजन के साथ-साथ शिव आराधना करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और संतान-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
हर और हरि की उपासना का दुर्लभ संयोग21 जुलाई, जो इस बार का दूसरा सोमवार है, उस दिन कामदा एकादशी भी पड़ रही है।
—सोमवार को भगवान शिव (हर) की पूजा होती है।
—एकादशी तिथि भगवान विष्णु (हरि) को समर्पित होती है।
इस प्रकार यह दिन हर और हरि दोनों की संयुक्त उपासना का अद्भुत अवसर बनेगा। इस संयोग को अत्यंत दुर्लभ और कल्याणकारी माना गया है।
सावन का समापन बुधादित्य योग के साथ9 अगस्त 2025 को सावन मास का समापन बुधादित्य योग के साथ होगा। यह योग बुद्धि और वाणी की स्पष्टता के लिए शुभ माना जाता है। इसी दिन रक्षा बंधन भी मनाया जाएगा, जिससे यह दिन दोहरी पावनता वाला बन जाएगा।