रक्षाबंधन, जो हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। इस वर्ष यह पावन पर्व 9 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु और समृद्ध जीवन की कामना करती हैं, जबकि भाई उन्हें सुरक्षा का वचन देते हैं।
हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन राखी चुनते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर गलत प्रकार की राखी बांधी जाए तो यह शुभता की जगह अनिष्ट का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं ऐसी कौन-सी राखियां हैं जिन्हें रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर बांधने से परहेज करना चाहिए।
1. काली रंग की राखी – अशुभता की छायाहिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार काले रंग को शनि देव से जोड़कर देखा जाता है, जो एक क्रूर ग्रह माने जाते हैं। इसलिए, भाई की कलाई पर काले रंग की राखी बांधना अशुभ फलदायक माना गया है। ऐसी राखी से जीवन में नकारात्मकता का प्रवेश हो सकता है और कठिन समय की शुरुआत मानी जाती है।
2. टूटी-फूटी या खंडित राखी – प्रेम की प्रतीकता में दरारराखी सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक होती है। ऐसी स्थिति में यदि राखी टूटी या खंडित हो, तो इसे भाई की कलाई पर बांधना उचित नहीं माना जाता। ऐसी राखी अपशकुन की सूचक मानी जाती है और इससे जीवन में अवांछनीय प्रभाव पड़ सकते हैं।
3. प्लास्टिक से बनी राखी – कृत्रिमता से दूर रहेंआजकल बाजार में प्लास्टिक से बनी रंगीन और आकर्षक राखियां आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन इन्हें शुभ नहीं माना जाता। प्लास्टिक को अशुद्ध और पर्यावरण के लिए हानिकारक माना गया है। ऐसी राखियों से रिश्तों की पवित्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
4. अशुभ प्रतीकों वाली राखी – सजावट में सावधानी जरूरीकई बार राखी पर बने चित्र या प्रतीक ध्यान से नहीं देखे जाते। लेकिन ध्यान रहे कि राखी पर यदि कोई अशुभ चिन्ह बना हो—जैसे त्रिकोण, खंडित तलवार, या भयावह आकृतियां—तो ऐसे प्रतीक नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित कर सकते हैं। इस प्रकार की राखी का चयन करने से पहले सजग रहना आवश्यक है।
5. देवी-देवताओं की तस्वीरों वाली राखी – अनजाने में हो सकता है अपमानभले ही धार्मिक भावनाओं के तहत देवी-देवताओं वाली राखियां बाजार में उपलब्ध हों, लेकिन इन्हें भाई की कलाई पर बांधना जोखिमभरा हो सकता है। यदि ऐसी राखी गलती से गिर जाए या पैरों के नीचे आ जाए, तो यह धार्मिक अपमान का कारण बन सकता है। इससे भाई को पाप का भागीदार भी बनना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे राखी डिज़ाइनों से बचना बेहतर है।