हर साल की तरह इस बार भी गुरु पूर्णिमा का पावन दिन—10 जुलाई—हम सभी के जीवन में ज्ञान, श्रद्धा और आशीर्वाद का संदेश लेकर आया है। खास बात यह है कि इस बार गुरु ग्रह बृहस्पति, जो ज्ञान और शुभता का प्रतीक माने जाते हैं, मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। ऐसे में यह संयोग ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद फलदायक माना जा रहा है। यह दिन व्यास पूर्णिमा के नाम से भी प्रसिद्ध है क्योंकि महर्षि वेदव्यास, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना की, उनका जन्म भी इसी दिन हुआ था।
इस बार 9 जुलाई को गुरु उदय हो रहे हैं और फिर 11 नवंबर 2025 को वक्री होंगे। इन खगोलीय घटनाओं का सीधा असर कुछ राशियों पर पड़ेगा। खासकर गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का मिथुन में होना, कुछ राशियों के लिए नई उम्मीदों, संबंधों और अवसरों के द्वार खोल सकता है।
मिथुन राशि – नए रिश्ते, नई ऊर्जामिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय सौभाग्य लेकर आया है। गुरु का आपकी ही राशि में होना एक सकारात्मक संकेत है। आपके चारों ओर एक नई ऊर्जा का संचार होगा जो आपके सोचने और काम करने के तरीके में बदलाव लाएगी। व्यक्तिगत रिश्तों में मिठास घुलेगी और यदि आप लेखन, शिक्षा, या बोलने के क्षेत्र में हैं, तो यह समय तरक्की की नई सीढ़ियों पर चढ़ने का मौका बन सकता है।
कन्या राशि – ज्ञान का उजियाराकन्या राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं। नई चीजें सीखने की आपकी चाह पूरी हो सकती है। चाहे वो कोई वर्कशॉप हो, ऑनलाइन कोर्स हो या मास्टर डिग्री—इस समय किया गया ज्ञान अर्जन भविष्य में आपकी राहें आसान करेगा। ध्यान रहे, व्यावहारिकता बनाए रखें और दिनचर्या में अनुशासन शामिल करें।
धनु राशि – भावनाओं में गहराईधनु राशि के जातकों के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। परिवार, रिश्ते और गुरु जैसे व्यक्तित्व से जुड़ाव बढ़ेगा। किसी वरिष्ठ या अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है।
कुंभ राशि – संबंधों में मजबूती और नए अवसरकुंभ राशि के लोगों के लिए गुरु का गोचर विशेष फलदायक रहेगा। आपके सामाजिक संबंधों में मजबूती आएगी और लोगों के बीच आपका सम्मान बढ़ेगा। यदि आप किसी पार्टनरशिप में नया प्रोजेक्ट शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल है। सहयोग से सफलता की राह आसान हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।