संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी करें ये ज्योतिषीय उपाय, मिलेगी खुशखबरी

हर शादीशुदा जोड़े का सपना होता है कि उनके घर-आँगन में बच्चे की किलकारियां गूंजे जो कि घर को खुशियों से भर दे। लेकिन कई दंपत्ति ऐसे होते हैं जिन्हें यह सुख नहीं मिल पाता हैं और संतान की प्राप्ति नहीं हो पाती हैं। इसके लिए वे कई प्रयास करते हैं और दवाइयों का भी सहारा लेते हैं। लेकिन संतान प्राप्ति का सुख पाने के लिए ज्योतिषीय उपायों को करने की भी जरूरत होती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको संतान प्राप्ति का सुख प्राप्त करवाएं।

* संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी दोनों को रामेश्वरम् की यात्रा करनी चाहिए तथा वहां सर्प-पूजन करवाना चाहिए। इस कार्य को करने से संतान-दोष समाप्त होता है।

* स्त्री में कमी के कारण संतान होने में बाधा आ रही हो, तो लाल गाय व बछड़े की सेवा करनी चाहिए। लाल या भूरा कुत्ता पालना भी शुभ रहता है।

* यदि विवाह के दस या बारह वर्ष बाद भी संतान न हो, तो मदार की जड़ को शुक्रवार को उखाड़ लें। उसे कमर में बांधने से स्त्री अवश्य ही गर्भवती हो जाएगी।

* जब गर्भ धारण हो गया हो, तो चांदी की एक बांसुरी बनाकर राधा-कृष्ण के मंदिर में पति-पत्नी दोनों गुरुवार के दिन चढ़ायें तो गर्भपात का भय/खतरा नहीं होता।

* यदि बार-बार गर्भपात होता है, तो शुक्रवार के दिन एक गोमती चक्र लाल वस्त्र में सिलकर गर्भवती महिला के कमर पर बांध दें। गर्भपात नहीं होगा।

* जिन स्त्रियों के सिर्फ कन्या ही होती है, उन्हें शुक्र मुक्ता पहना दी जाये, तो एक वर्ष के अंदर ही पुत्र-रत्न की प्राप्ति होगी।

* यदि बच्चे न होते हों या होते ही मर जाते हों, तो मंगलवार के दिन मिट्टी की हांडी में शहद भरकर श्मशान में दबायें।

* पीपल की जटा शुक्रवार को काट कर सुखा लें, सूखने के बाद चूर्ण बना लें। उसको प्रदर रोग वाली स्त्री प्रतिदिन एक चम्मच दही के साथ सेवन करें। सातवें दिन तक मासिक धर्म, श्वेत प्रदर तथा कमर दर्द ठीक हो जाएगा।