मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक इंटरव्यू में कहा है कि स्कूलों और कॉलेजों को 15 अगस्त 2020 के बाद फिर से खोला जाएगा। आपको बता दें, इस संबंध में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एचआरडी मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को स्कूल पुनः खोलने की योजना पर पत्र लिखा था। इस बात की जानकारी उन्होंने कल ट्वीट के माध्यम से दी थी।
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उन्होंने अपने पत्र में लिखा 'समय आ गया है कि कोरोना के सहअस्तित्व को स्वीकार करते हुए देश में स्कूलों की भूमिका नए सिरे से तय की जाए।'
इसी के साथ उन्होंने लिखा, स्कूलों को साहसिक भूमिका के लिए तैयार नहीं किया गया तो यह हमारी ऐतिहासिक भूल होगी, स्कूलों की भूमिका पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार जीवन जीने के लिए तैयार करने की होगी।
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आपको बता दें, कोरोना वायरस महामारी के कारण दिल्ली के सभी स्कूल- कॉलेज मार्च महीने से बंद हैं। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन इस बात से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है कि कहीं न कहीं छात्रों की पढ़ाई का नुकसान भी हो रहा है।
Students and teachers, your safety is our highest priority. Hence, releasing an information booklet titled "Safe online learning in the times of COVID-19" developed by @ncert & @UNESCO #NewDelhi office to raise awareness of students and teach
छात्र कैसे करें इंटरनेट का बेहतर इस्तेमाल
बता दे, मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रों को सुरक्षित तरीके से नेट के इस्तेमाल के लिए एक बुकलेट जारी की। इस बुकलेट को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) और यूनेस्को ने मिलकर तैयार किया है। इस बुकलेट में यह बताया गया है कि छात्रों को नेट का इस्तेमाल करते समय किन बातों को ध्यान रखना चाहिए और किन चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ताकि वह सुरक्षित तरीके से इंटरनेट का इस्तेमाल पढ़ाई के दौरान कर सकें। डॉक्टर निशंक ने बुकलेट जारी करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान देशभर में शिक्षकों और छात्रों ने ऑनलाइन पढ़ाई का रास्ता अपनाया है। इसलिए अब छात्रों को नेट का इस्तेमाल करते समय साइबर हमले अपराध आदि की भी जानकारी जरूरी है और इसके लिए यह बुकलेट उनमें जागरूकता फैलाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह बुकलेट छात्रों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी फायदेमंद होगा।














