भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों का आंकड़ा 57 लाख पार कर गया है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 86 हजार 508 नए मामले मिले। जिसके बाद संक्रमितों की संख्या 57 लाख 32 हजार 519 हो गई। बुधवार को 1,129 लोगों की मौत भी हुई। अब तक कोरोना से 91 हजार 149 लोगों की जान जा चुकी है। 24 घंटे में 87,458 लोग रिकवर भी हुए हैं। अब तक कोरोना से 46 लाख 74 हजार 988 लोग रिकवर हो चुके हैं। देश में फिलहाल 9 लाख 66 हजार 382 एक्टिव केस हैं।
कोविड-19 महामारी से लड़ाई में गूगल लगातार कई प्रयोग कर रहा है। ऐसे में अब ये कंपनी गूगल मैप (Google Map) में 'कोविड लेयर' नया फीचर जोड़ने वाली है। गूगल का कहना है कि इस फीचर की मदद से यूजर जिस एरिया में ट्रेवल कर रहे हैं या कहीं जाने वाले हैं वहां पर कोरोना की स्थिति जान पाएंगे। यानी उस क्षेत्र में कोरोना के कितने मरीज है इस बात का पता चल जाएगा।
To help you navigate the world safely, youll start seeing information about new COVID cases in an area with data from sources like @nytimes, @JohnsHopkins, & @Wikipedia in a new layer on Maps.
Rolling out on iOS & Android, with more ways to stहालांकि, गूगल ने अभी इस फीचर को रिलीज करने की तय तारीख नहीं बताई है। गूगल ने ट्वीट करके इस फीचर के बारे में जानकारी दी है। ऐसा माना जा रहा है कि गूगल मैप का नया अपडेट एंड्रॉयड और आईओएस यूजर्स के लिए इस सप्ताह मिल सकता है।
ऐसे काम करेगा कोविड लेयर फीचर
गूगल (Google) ने अपने ब्लॉगपोस्ट में कहा है कि गूगल मैप पर जब यूजर मैप को ओपन करेगा तब उसे लेयर बटन में COVID -19 info फीचर मिलेगा। जैसे ही इस फीचर पर जाएंगे ये मैप कोविड की स्थिति के हिसाब से बदल जाएगा। यह क्षेत्र में प्रति 1,00,000 लोगों पर सात दिन के नए मामलों का औसत दिखाएगा और बताएगा कि मामले बढ़ रहे हैं या कम हो रहे हैं। गूगल इसमें कलर कोडिंग फीचर भी जोड़ेगा जो यूजर्स को एक एरिया में नए मामलों के डेस्टिनी को तोड़ने में मदद करेगा। ट्रेडिंग मैप डेटा उन सभी 220 देशों और क्षेत्रों का कंट्री लेवल दिखाएगा, जो गूगल मैप्स सपोर्ट करते हैं। साथ ही इसका राज्य या प्रांत, काउंटी और शहर स्तर पर डेटा उपलब्ध है।गूगल विभिन्न सोर्स से एक विशेष क्षेत्र में कोविड-19 मामलों का डेटा कलेक्ट करेगा, जिसमें जॉन्स हॉपकिन्स, न्यूयॉर्क टाइम्स और विकिपीडिया शामिल होंगे। ये सोर्स सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन, सरकारी स्वास्थ्य मंत्रालयों, राज्य और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों और अस्पतालों से डेटा प्राप्त करेगा।













