भूकंप के तेज झटकों से कांपा वेनेजुएला, इमारतें हुईं जमींदोज; सामने आए तबाही के वीडियो

लैटिन अमेरिका के देश वेनेजुएला में गुरुवार तड़के (भारतीय समयानुसार) आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी कराकास समेत कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। आपदा के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में तबाही का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है। स्थानीय प्रशासन और निगरानी एजेंसियों के मुताबिक यह हाल के दशकों में देश को झकझोर देने वाली सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। कई विशेषज्ञ इसे पिछले लगभग 100 वर्षों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप भी बता रहे हैं।

पहला झटका 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का था। इसका केंद्र वेनेजुएला के कैरेबियाई तट के पास स्थित मोरोन क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में दर्ज किया गया। यह स्थान राजधानी कराकास से करीब 168 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अधिकारियों के अनुसार भूकंप की गहराई जमीन से महज 13 किलोमीटर नीचे थी, जिसे उथला भूकंप माना जाता है। इसी वजह से इसके झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए और कई इलाकों में लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

भूकंप आते ही लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। कई स्थानों पर इमारतों में दरारें पड़ने और दीवारों के टूटने की भी खबरें सामने आई हैं। शुरुआती नुकसान का आकलन अभी जारी है, लेकिन स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
40 सेकेंड बाद आया और भी ज्यादा शक्तिशाली झटका

पहले भूकंप से लोग संभल भी नहीं पाए थे कि लगभग 40 सेकेंड बाद उसी क्षेत्र में दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। यूएसजीएस के अनुसार दूसरे झटके की तीव्रता 7.5 मापी गई। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र मोरोन से लगभग 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित था।

लगातार इतने कम अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने नुकसान की गंभीरता को कई गुना बढ़ा दिया। कई इलाकों में पहले झटके से कमजोर हुई संरचनाएं दूसरे झटके के बाद पूरी तरह ढह गईं। आपातकालीन सेवाओं को भी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मौतों का आंकड़ा हजारों में पहुंचने की आशंका


भूकंप के बाद अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अपने प्रारंभिक आकलन में बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है। एजेंसी का कहना है कि इस आपदा में मृतकों की संख्या बेहद अधिक हो सकती है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मौतों का आंकड़ा 10 हजार से लेकर 1 लाख तक पहुंच सकता है।

यूएसजीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भूकंप के कारण व्यापक स्तर पर तबाही हुई है और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की संभावना है। कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इमारतों के ढहने की खबरों को देखते हुए जनहानि का जोखिम काफी बढ़ गया है। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों और घायलों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

फिलहाल राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है, जबकि अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस आपदा की भयावहता को बयां कर रहे हैं। आने वाले समय में नुकसान की वास्तविक तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।