अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के एक बार फिर ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह सैन्य कार्रवाई Strait Of Hormuz में तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटना के कुछ ही घंटों बाद हुई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की दिशा में हुए अंतरिम समझौते के बाद इस तरह की नई एयरस्ट्राइक ने पूरे मिडिल ईस्ट में हालात को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है। क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशों के बीच यह घटनाक्रम नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
शांति वार्ता पर फिर मंडराया संकटजानकारी के अनुसार, ईरान की ओर से जहाजों पर हमला ऐसे समय किया गया, जब देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह का सिलसिला जारी था, जो कई दिनों तक चलने वाला कार्यक्रम है। युद्ध की शुरुआत में ही खामेनेई की मौत हो गई थी। इस ताजा हमले के बाद Strait Of Hormuz को पूरी तरह से दोबारा खोलने, ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्थापित करने और 28 फरवरी से जारी संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत पर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम कूटनीतिक प्रयासों को और कठिन बना सकता है।
व्यापारिक जहाजों पर हमले का अमेरिका ने दिया सैन्य जवाबअमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे निर्दोष नागरिकों के क्रू वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के जवाब में की गई है। बयान में कहा गया कि ऐसे हमलों की ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस अभियान में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल ठिकानों, ड्रोन लॉन्च साइट्स, तटीय निगरानी नेटवर्क और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा ईरानी बंदरगाहों से जुड़े कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।
कई घंटों तक चल सकता है सैन्य अभियानएक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मौजूदा ऑपरेशन कई घंटों तक जारी रह सकता है। उनके मुताबिक, जून के अंत में हुए जवाबी हमलों की तुलना में इस बार लगभग आठ गुना अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि अमेरिका की ओर से लगातार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद ईरान के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। इसी कारण वॉशिंगटन अब तेहरान पर सैन्य और रणनीतिक दबाव बढ़ाने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। दोनों अधिकारियों ने अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी साझा की।
Qeshm, बंदर अब्बास और सीरिक में गूंजे धमाकेउधर, ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि Qeshm, बंदर अब्बास और सीरिक क्षेत्रों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, ईरान के उपविदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते का सीधा उल्लंघन है। उनके बयान के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच सकता है।