ईरान ने दी ट्रंप को चेतावनी, जंग फिर शुरू हुई तो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों पर होगा हमला

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान की ओर से हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को लेकर सीधी चेतावनी सामने आई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ युद्ध दोबारा शुरू होता है और अमेरिकी जहाज हिंद महासागर से बाहर नहीं निकलते, तो उन्हें वहीं निशाना बनाया जाएगा। रेजाई के मुताबिक, ईरान ने संभावित अमेरिकी हमले की स्थिति से निपटने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं में बदलाव किए हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति पहले के माक 6 से बढ़कर माक 10 तक पहुंच गई है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एयर डिफेंस में भी सुधार किए जाने का दावा उन्होंने किया।

'जंग शुरू हुई तो अमेरिकी जहाज होंगे निशाने पर'

ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध शुरू करता है तो ईरान पहले की तुलना में ज्यादा ताकत और अधिक हमलों के साथ जवाब देगा। उनके बयान के मुताबिक, हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को भी संभावित जवाबी कार्रवाई का लक्ष्य बनाया जाएगा, जब तक वे इस क्षेत्र से बाहर नहीं निकलते।

यह चेतावनी ईरान की ओर से संभावित सैन्य टकराव को लेकर दिए गए कई बयानों के बीच आई है। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने भी रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी दोबारा हमला करते हैं तो क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों को लगातार जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा।

रेजाई ने सैन्य क्षमता बढ़ने का किया दावा

रेजाई ने दावा किया कि हाल के संघर्ष के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों में बदलाव किया है। उन्होंने हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति माक 6 से माक 10 तक बढ़ने की बात कही। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और वायु रक्षा क्षमताओं में सुधार का भी दावा किया। हालांकि ये सैन्य क्षमता से जुड़े दावे ईरानी अधिकारी के बयान पर आधारित हैं।

रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से युद्ध दोबारा शुरू किए जाने की स्थिति में ईरान अधिक संख्या में और ज्यादा तीव्र हमले करेगा। इस बयान को ईरान की ओर से सैन्य तैयारी और संभावित जवाबी कार्रवाई के संदेश के तौर पर पेश किया गया है।

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला


सैन्य चेतावनियों के साथ ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी शर्तें भी सामने रखी हैं। रेजाई ने अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि कतर के मध्यस्थों के जरिए ईरान ने अपनी शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई हैं और अब वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

ईरान की बताई शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, ईरान की जमी हुई रकम को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। ईरान ने बातचीत के साथ-साथ संभावित नए सैन्य टकराव के लिए तैयार रहने का भी संदेश दिया है।
होर्मुज बना हुआ है तनाव का अहम केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य भी महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। ईरान का कहना है कि वह अपनी शर्तें पूरी होने तक जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और ईरान पर दबाव बनाए रखने की कोशिश जारी है।

रॉयटर्स के मुताबिक, 21 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य समय की तुलना में काफी कम रही। सप्ताहांत में केवल करीब एक दर्जन कमोडिटी जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि संघर्ष शुरू होने से पहले यहां रोजाना करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज गुजरते थे।

ट्रंप की ओर से भी जारी हैं सख्त संकेत

ईरान की चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बना हुआ है। 20 सितंबर की रिपोर्टों में ट्रंप के कैंप डेविड से तय कार्यक्रम से पहले लौटने और संभावित नए घटनाक्रम को लेकर उनके बयानों का उल्लेख किया गया है। वहीं ईरान का कहना है कि किसी नए अमेरिकी हमले की स्थिति में वह जवाब देने के लिए तैयार है।

फिलहाल ईरान की ओर से अमेरिकी जहाजों को हिंद महासागर में निशाना बनाने की बात संभावित युद्ध की स्थिति के लिए दी गई चेतावनी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस बयान को किसी नए हिंद महासागरीय हमले की पुष्टि के रूप में पेश नहीं किया गया है। मौजूदा स्थिति में सैन्य चेतावनियों के साथ कूटनीतिक संपर्क भी जारी है।