ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और गहराता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने दो अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। जिन जहाजों को रोका गया है, उनके नाम MSC-FRANCESCA और EPAMINODES बताए जा रहे हैं। ईरानी पक्ष का आरोप है कि इन जहाजों ने अपने नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की और इस संवेदनशील समुद्री मार्ग की सुरक्षा को खतरे में डाला। इसके अलावा एक ग्रीक जहाज ‘Euphoria’ को भी ईरानी जलक्षेत्र में निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है, जो फिलहाल ईरान के तटीय इलाके के पास फंसा हुआ बताया जा रहा है।
IRGC नेवी ने आधिकारिक रूप से इन जहाजों की जब्ती की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनके अनुसार, होर्मुज जैसे अहम मार्ग में किसी भी तरह की लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, कंटेनर शिप MSC FRANCESCA की लोकेशन ओमान की खाड़ी में बताई जा रही है, जिसकी स्थिति का अपडेट हाल ही में जारी किया गया। जानकारी के मुताबिक, यह जहाज पनामा के झंडे के तहत संचालित होता है और इसका IMO नंबर 9401116 है। इसकी लंबाई करीब 363.57 मीटर और चौड़ाई 45.66 मीटर बताई गई है, जो इसे बड़े कंटेनर जहाजों में शामिल करती है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। दुनिया के कई देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुचारू रूप से चालू रखने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है।
परिस्थितियों के चलते कई देशों के जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक ईंधन आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।