अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टॉप टेन मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 लाख डॉलर तक का इनाम देने का ऐलान किया है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों के मुताबिक, बराड़ पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक अहम नेता के तौर पर कई गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
FBI की इस सूची में शामिल किए जाने के साथ ही बराड़ की तलाश को लेकर अमेरिकी एजेंसियों ने सार्वजनिक स्तर पर भी अभियान तेज किया है। FBI लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर इन चार्ज पैट्रिक ग्रांडी ने बराड़ को खतरनाक व्यक्ति बताया और कहा कि FBI तथा उसके सहयोगियों के लिए उसकी गिरफ्तारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उसे टॉप-10 भगोड़ों की सूची में शामिल किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 1 मिलियन डॉलर तक का इनाम घोषित किया गया है।
FBI ने क्यों बढ़ाई बराड़ की तलाशअमेरिकी अधिकारियों ने बराड़ पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ मिलकर कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। इनमें रैकेटियरिंग से प्रभावित और भ्रष्ट संगठनों से जुड़ी साजिश, जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश और नियंत्रित पदार्थों को वितरित करने तथा वितरण के इरादे से अपने पास रखने की साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
FBI के मुताबिक, सतिंदरजीत सिंह को गोल्डी बराड़ के नाम से भी जाना जाता है। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लोगों से ऐसी जानकारी साझा करने की अपील की है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उसके ठिकाने तक पहुंचने में मदद मिल सके।
पैट्रिक ग्रांडी ने कहा कि FBI की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किए जाने के बाद बराड़ के चेहरे और पहचान को लेकर दुनियाभर में काफी प्रचार होगा। उनके मुताबिक, उसकी तस्वीर FBI से जुड़ी वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाएगी और उसके पकड़े जाने तक उसकी तलाश को सार्वजनिक रूप से प्रमुखता दी जाएगी।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के बाद तेज हुई तलाशगोल्डी बराड़ की तलाश ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के बाद और तेज हुई। यह अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों के नेतृत्व में चलाया गया एक बहुराष्ट्रीय अभियान था। इसका उद्देश्य उत्तरी अमेरिका और उसके बाहर सक्रिय भारत से जुड़े तीन आपराधिक समूहों के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना था।
इस अभियान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अलावा ढांडा ऑर्गनाइज़्ड क्राइम ग्रुप और भगवानपुरिया गैंग को भी निशाना बनाया गया। अभियान के तहत कुल 37 लोगों पर जबरन वसूली, आपराधिक रैकेट चलाने और ड्रग तस्करी समेत कई अपराधों के आरोप लगाए गए।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान इन समूहों से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत आगे बढ़ाया गया।
अब तक 24 लोग गिरफ्तार या हिरासत मेंजब इस साल जुलाई में ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ का ऐलान किया गया था, उस समय तक 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके थे या पहले से ही हिरासत में थे। इसके बाद FBI और उसके विदेशी सहयोगियों ने चार और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी अधिकारी अभी भी पांच अन्य आरोपियों की तलाश कर रहे हैं, जिनमें गोल्डी बराड़ भी शामिल है। FBI की टॉप-10 मोस्ट वांटेड सूची में बराड़ को शामिल करने और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर तक का इनाम घोषित किए जाने के बाद उसकी तलाश को लेकर अमेरिकी एजेंसियों का अभियान और सार्वजनिक हो गया है।