अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को पद संभालने के महज पांच दिन के भीतर हटाए जाने की खबर सामने आई है। उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही उनके प्रदर्शन, काम करने के तरीके और कानूनी योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे थे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि आलोचनाओं के बीच ट्रंप ने भी उन्हें इस पद पर बने रहने के फैसले पर दोबारा विचार करने की सलाह दी। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने केटी से अपनी नौकरी के बारे में फिर से सोचने को कहा था। ट्रंप का कहना था कि मीडिया में केटी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्हें इस तरह के दबाव से गुजरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि केटी उनके साथ किसी दूसरी भूमिका में काम कर सकती हैं। हालांकि, केटी ज़कारिया को पद से हटाए जाने और उन्हें आगे कोई दूसरी जिम्मेदारी दिए जाने से जुड़ी खबरों को आधिकारिक घोषणा से अलग समझना जरूरी है। सामने आई रिपोर्टों में इन घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है, लेकिन पद से हटाए जाने और उनकी अगली भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्यों हुई आलोचना?केटी ज़कारिया ने 13 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह कार्यक्रम करीब 15 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने कुछ ही पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान वह कई बार लिखे हुए नोट्स पढ़ती हुई नजर आईं। उनकी इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अमेरिकी मीडिया में उनके प्रदर्शन और संवाद करने के तरीके को लेकर चर्चा शुरू हो गई। प्रेस सचिव की भूमिका में मीडिया के सवालों का जवाब देना और राष्ट्रपति प्रशासन का पक्ष सामने रखना महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल होता है। केटी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनके काम करने के तरीके पर सवाल उठने लगे। इसके बाद उनके पद पर बने रहने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और ट्रंप ने भी उन्हें इस पद पर बने रहने के बारे में दोबारा सोचने की सलाह दी।
केटी ज़कारिया की कानूनी योग्यता पर भी उठे सवालकेटी ज़कारिया की नियुक्ति को लेकर चर्चा केवल उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रही। उनकी कानूनी योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए। केटी लंबे समय से खुद को वकील बताती रही हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी नियुक्ति की घोषणा करते समय उन्हें वकील कहा था। हालांकि, स्वतंत्र न्यूज वेबसाइट 'पॉपुलर इन्फॉर्मेशन' की ओर से की गई जांच में ऐसा कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह पुष्टि हो सके कि केटी ने अमेरिका के किसी राज्य में वकालत करने का लाइसेंस हासिल किया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनकी पेशेवर योग्यता को लेकर चर्चा और तेज हो गई। अपनी योग्यता पर सवाल उठने के बाद केटी ने कहा था कि उन्होंने जरूरी योग्यताओं के साथ अंतरराष्ट्रीय लेन-देन कानून के क्षेत्र में काम किया है। उनकी शिक्षा से जुड़े रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने पेपरडाइन स्कूल ऑफ लॉ से कानून की डिग्री प्राप्त की। हालांकि, कानून की डिग्री हासिल करना और किसी क्षेत्र में वकालत करने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना दो अलग-अलग बातें हैं। यही अंतर केटी की कानूनी योग्यता को लेकर उठे सवालों के केंद्र में रहा। उपलब्ध रिपोर्ट में उनकी शिक्षा और उनके पेशेवर दावों का जिक्र है, लेकिन किसी अमेरिकी राज्य में वकालत का लाइसेंस हासिल करने का सार्वजनिक प्रमाण नहीं मिलने की बात भी कही गई है। इस तरह, केटी ज़कारिया को लेकर विवाद के दो प्रमुख पहलू सामने आए—पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उनके प्रदर्शन की आलोचना और उनकी कानूनी योग्यता पर उठे सवाल। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने उन्हें नौकरी पर दोबारा विचार करने की सलाह दी और किसी दूसरी भूमिका में साथ काम करने की संभावना का संकेत दिया। हालांकि, उनके पद से हटाए जाने और आगे की जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक घोषणा से जुड़ी स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।